महिला की हत्या में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास:सीतापुर में साल 2010 में तहसीलदार की पत्नी की थी हत्या,16 हजार लगा अर्थदंड


सीतापुर में वर्ष 2010 में हुई तहसीलदार की पत्नी की हत्या के मामले में करीब 16 वर्ष बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) (ओएडब्ल्यू) सीतापुर की अदालत ने शुक्रवार शाम सुनाया गया। मामला थाना कोतवाली नगर में वर्ष 2010 में दर्ज मुकदमा संख्या 715/10 से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत इस मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। अदालत ने दोषसिद्ध अभियुक्त सफदर अली पुत्र रहमत अली निवासी सदर बाजार थाना कोतवाली नगर तथा फजल पुत्र अफजल अली निवासी बेगम बाग थाना कोतवाली नगर को धारा 302, 394 और 411 भादवि के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटना वर्ष 2010 की है, जब लहरपुर तहसील में तहसीलदार न्यायिक के पद पर तैनात रायबरेली निवासी दिनेश कुमार सिंह की पत्नी पूनम सिंह का शव शहर के मोहल्ला शिवपुरी स्थित आवास में खून से लथपथ मिला था। उस समय दिनेश कुमार सिंह ड्यूटी पर गए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने घर में लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपियों के नाम सामने आए। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

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