महराजगंज में डॉल्फिन के रेस्क्यू में देरी:देवरिया ब्रांच नहर में मछुआरों के जाल में फंसी थी, गंगा में छोड़ने की मांग


महराजगंज की देवरिया शाखा नहर में पिछले एक सप्ताह से फंसी गंगा डॉल्फिन को बचाने का अभियान धीमी गति से चल रहा है। सोमवार सुबह 10 बजे तक कोई जिम्मेदार अफसर रेस्क्यू के लिए पहुंचा। अहिरौली ग्राम सभा के पास केवल वन विभाग के दो कर्मचारी तैनात मिले। लेकिन रेस्क्यू शुरू नहीं किया गया। इस स्थिति से ग्रामीणों में अभियान के प्रति नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने डॉल्फिन को जल्द उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने की मांग की है, अन्यथा उसकी जान को खतरा हो सकता है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले यह डॉल्फिन मछुआरों के जाल में फंस गई थी। स्थानीय मछुआरों ने उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय नहर में वापस छोड़ दिया था। इसके बाद से वन विभाग डॉल्फिन के सुरक्षित रेस्क्यू का दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक उसे बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, डॉल्फिन को सुरक्षित निकालने के लिए नहर के पानी का बहाव कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके और विशेषज्ञों की निगरानी में नहीं की गई, तो डॉल्फिन के स्वास्थ्य और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एक सप्ताह से नहर में फंसी डॉल्फिन को लेकर क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने, विशेषज्ञों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने और डॉल्फिन को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने की मांग की है। सोमवार तक वन विभाग की ओर से रेस्क्यू अभियान की प्रगति, डॉल्फिन की स्थिति या आगे की कार्ययोजना को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अभियान की धीमी रफ्तार और जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *