भाजपा प्रत्याशी के लिए आज शिक्षकों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री:दिग्विजयनाथ पार्क में होगा कार्यक्रम; 17 जिलों के 12 हजार से अधिक शिक्षक आएंगे


गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह 11 बजे से शिक्षकों से संवाद करेंगे। 17 जिलों से 12 हजार से अधिक शिक्षकों को बुलाया गया है। ऐसा पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री शिक्षक एमएलसी के चुनाव में प्रचार करेंगे। भाजपा के पदाधिकारियों के साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। भाजपा की ओर से 3 बार के एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रचार अभियान तेज हो गया है। रामगढ़ताल के किनारे महंत दिग्विजयनाथ पार्क में यह सभा होगी। 5 मंडलों के 17 जिलों से लगभग 12 हजार शिक्षकों को जुटाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री की सभा के बाद संभावना जताई जा रही है कि सपा भी इसमें ताकत झोंकेगी। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे डा. संजयन त्रिपाठी के सपा में जाने के बाद से माहौल बदल चुका है। संजयन भी पिछले कई वर्षों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे। उनके सपा का प्रत्याशी बनने के बाद भाजपा ने भी अपनी गति बढ़ा दी है। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के नामांकन सभा में इसकी झलक भी दिखी। इसमें पार्टी ने एकजुटता का संदेश देते हुए यह दिखाया कि भाजपा संगठन पूरी तरह से ध्रुव त्रिपाठी के साथ खड़ा है। इस सभा में गोरखपुर क्षेत्र के पदाधिकारी, सांसद, विधायक व मंत्री मौजूद थे। डा. संजयन के प्रत्याशी बनने के बाद इस लड़ाई में सपा भी मजबूत हो चुकी है। यही कारण है कि भाजपा भी अपेन सभी कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है। निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वाले शिक्षक नेता देशबंधु शुक्ला को मनाने के लिए क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय उनके घर पहुंचे थे। देशबंधु शुक्ला भाजपा के पुराने नेता हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों के घर पहुंचने के बाद वह भावुक हो गए थे और तबसे ध्रुव त्रिपाठी के प्रचार में जुट गए हैं। भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय
ध्रुव त्रिपाठी को टिकट देने के बाद उन्हें जीत दिलाना भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। यदि इस सीट पर परिणाम कुछ और हुआ तो इसका राजनीतिक संदेश भाजपा के लिए अच्छा नहीं होगा। 3 महीने बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में पार्टी यहां कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसकी कमान संभाल ली है। पहला मौका होगा जब शिक्षक एमएलसी चुनाव में कोई CM प्रचार करेंगे शिक्षक एमएलसी का चुनाव आमतौर पर शिक्षकों के भीतर का चुनाव रहा है। इसमें राजनीतिक दलों की दखल नहीं रहती थी लेकिन इस बार मुख्य मुकाबला ही राजनीतिक दलों के बीच है। शिक्षक एमएलसी चुनाव के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब कोई मुख्यमंत्री किसी प्रत्याशी का प्रचार करेंगे। इस सभा को सफल बनाने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसको लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय की अध्यक्षता में बैठक भी की जा चुकी है।

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