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कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में पड़ोस की नाबालिग किशोरी को भगाकर ले जाने के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। आरोपी युवक के परिजनों ने पुलिस पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान किसी तरह की मारपीट नहीं की गई। पुलिस का दावा है कि एक युवक ने पुलिस का नाम लेकर परिवार से रुपये वसूले और बाद में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। शुक्रवार रात पूछताछ के लिए चौकी ले गई थी पुलिस चक रतनपुर निवासी गंगा प्रसाद ने बताया कि उनका बेटा शनि पड़ोस की एक नाबालिग किशोरी को अपने साथ ले गया था। किशोरी के परिजनों की शिकायत पर शुक्रवार देर रात पुलिस उनके घर पहुंची और पूछताछ के लिए गंगा प्रसाद तथा उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी को मंधना चौकी ले गई। परिजनों का आरोप है कि चौकी में उनसे मारपीट की गई और शनिवार सुबह उन्हें छोड़ा गया। मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने बताया वसूली का मामला शनिवार दोपहर गंगा प्रसाद और उनकी पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दोनों मंधना चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि शुभ्रांत पाल नामक युवक ने गंगा प्रसाद से यह कहकर 10 हजार रुपये मांगे कि पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी। आरोप है कि उसने सात हजार रुपये लेने के बाद परिवार का वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शुभ्रांत पाल पर मुकदमा, सभी पहलुओं की जांच पुलिस के मुताबिक, गंगा प्रसाद की तहरीर पर शुभ्रांत पाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, रुपये वसूली के आरोप और पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोप सहित पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बिठूर में नाबालिग को भगाने का मामला:परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया; पुलिस ने वसूली का केस दर्ज किया