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कानपुर के परमट स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा आनंदेश्वर मंदिर में बाबा का अत्यंत मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया। बाबा आनंदेश्वर महादेव के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पूरे मंदिर परिसर को फूलों की खुशबू और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रखा गया। सोमवार को हुए विशेष श्रृंगार के दौरान बाबा के शिवलिंग को गुलाबी कमल के फूलों से सजाया गया। शिवलिंग के चारों ओर ताजे गेंदे की मालाओं और पीले-नारंगी फूलों की पंखुड़ियों से अरघे को पूरी तरह आच्छादित किया गया। इसके साथ ही, प्राकृतिक हरियाली का सुंदर समावेश करते हुए हरी पत्तियों और फर्रा से शिवलिंग के पीछे एक आकर्षक चक्र बनाया गया, जो बाबा के रूप को और भी दिव्य बना रहा था। चंदन का त्रिपुंड और शीश पर सजा चंद्रदेव बाबा आनंदेश्वर के मुखारविंद को चंदन और कुमकुम के त्रिपुंड से सजाया गया। बड़ी-बड़ी आंखों के साथ बाबा का भव्य रूप निखर कर सामने आ रहा था। शिवलिंग के एक ओर चांदी का चमचमाता अर्धचंद्र लगाया गया, जो भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा की शोभा को दर्शा रहा था। बेलपत्र, दूर्वा और लाल गुलाब की पंखुड़ियां अर्पित कर बाबा का पूर्ण विधि-विधान से पूजन किया गया। चांदी की नक्काशीदार भव्य जलहरी में विराजमान बाबा आनंदेश्वर के समक्ष ताजे फल, केले और विशेष मिष्ठान का भोग लगाया गया। मंदिर के महंत और पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की भव्य आरती उतारी और जन-कल्याण के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में मौजूद भक्त बाबा के इस अलौकिक श्रृंगार को अपने कैमरों और यादों में समेटते नजर आए। पूरे दिन मंदिर में दर्शन का सिलसिला जारी रहा और भक्तों ने बाबा आनंदेश्वर का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।
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बाबा आनंदेश्वर का अलौकिक श्रृंगार:कमल के फूलों, हरियाली और चांदी के अर्धचंद्र से सजे महादेव