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बलिया नगर में शुक्रवार को ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। नौ अखाड़ों के जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक नृत्य और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने शौर्य और युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जुलूस जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजता रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देर रात तक जुलूस देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी अखाड़ों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर भ्रमण के बाद जुलूस देर रात करीब एक बजे संपन्न हुआ। 10 तस्वीरों में देखिए महावीरी झंडा जुलूस… 1911 से चली आ रही परंपरा भक्तों के अनुसार, बलिया में महावीरी झंडा जुलूस की शुरुआत वर्ष 1911 में हुई थी। इसके बाद हर वर्ष यह आयोजन होता रहा और समय के साथ इसका स्वरूप भी भव्य होता गया। इस बार नगर कमेटी, जगदीशपुर विजयीपुर, चमन सिंह बाग, टाउनहॉल, गुदरी बाजार सहित कुल नौ अखाड़ों ने जुलूस में भाग लिया। सभी अखाड़े अपने निर्धारित स्थानों से निकले और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। जुलूस में शामिल अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक शौर्य कलाओं का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक करतब देखकर दर्शक रोमांचित नजर आए। जुलूस में हाथी, घोड़े और ऊंट भी शामिल रहे। इसके अलावा हनुमान समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। जगह-जगह लोगों ने झांकियों और हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन किया। हनुमान मंदिर से निकला नगर कमेटी का जुलूस नगर कमेटी का जुलूस सबसे पहले हनुमान मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुआ। इसके बाद जुलूस बालेश्वर मंदिर और चंद्रशेखर पार्क होते हुए काली मंदिर पहुंचा। मालगोदाम पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिड्ढी के अखाड़े का मिलान हुआ। इसके बाद सभी अखाड़े अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते रहे। रात एक बजे विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरकर हुआ समापन सभी अखाड़े देर रात विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरे। इसके बाद नगर भ्रमण पूरा करते हुए करीब रात एक बजे महावीरी झंडा जुलूस का समापन हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ के बीच पुलिस ने धैर्यपूर्वक भीड़ और यातायात व्यवस्था संभाली।
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बलिया में 9 अखाड़ों ने निकाला महावीरी झंडा जुलूस:हाथी-घोड़े, ऊंट और अखाड़ों के करतब; 1911 से चली आ रही परंपरा