बलरामपुर में 5100 ब्लॉकों में होगा घर-घर सर्वे:जनगणना-2027 की तैयारी, अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू


बलरामपुर में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस चरण में करीब 5,100 प्रगणना ब्लॉकों में घर-घर जाकर आबादी से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए परिवारों का डेटा दर्ज करेंगे। वहीं, नागरिकों को 16 से 30 दिसंबर 2026 तक खुद से गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) करने की सुविधा भी मिलेगी। अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू जनगणना का काम तय समय में और शुद्धता के साथ पूरा कराने के लिए बुधवार शाम 4:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला और चार्ज स्तर के अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। डीएम एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों को दूसरे चरण की कार्ययोजना और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगा फील्ड वर्क प्रशिक्षण में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण का फील्ड वर्क 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक अपने-अपने प्रगणना ब्लॉक में घर-घर जाकर जरूरी जानकारी एकत्र करेंगे। डिजिटल प्रक्रिया के तहत प्रगणक मौके पर ही मोबाइल ऐप में डेटा दर्ज करेंगे। इससे आंकड़ों के संकलन, निगरानी और काम की प्रगति को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कागजी काम भी कम होगा। नागरिक खुद भी दर्ज कर सकेंगे जानकारी जनगणना में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत 16 से 30 दिसंबर 2026 के बीच नागरिक तय प्रक्रिया के अनुसार अपने और परिवार से जुड़ी जरूरी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: डीएम डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने अधिकारियों को जनगणना के नियमों, दिशा-निर्देशों और समय-सारणी का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए शुद्धता, समयबद्धता और आपसी तालमेल पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे जरूरी काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिला और चार्ज स्तर के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझें और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर समय पर तैयारियां पूरी कराएं। प्रशिक्षण में अधिकारियों को दी गई जानकारी प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के प्रतिनिधि ने दूसरे चरण की कार्ययोजना, डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल ऐप से डेटा संकलन तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में एडीएम (वित्त एवं राजस्व), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी, जनगणना लिपिक, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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