बद्रीनाथ में 13.92 लाख, केदारनाथ में 13.68 लाख श्रद्धालु पहुंचे:अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था जम्मू से रवाना, सिर्फ रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं को मिली एंट्री


चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 30 जून तक बद्रीनाथ में 13.92 लाख और केदारनाथ में 13.68 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, गुरुवार सुबह 4 बजे जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 57 दिन की यात्रा 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। पहले जत्थे में सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया था, RFID कार्ड बनवाया था और ई-केवाईसी पूरी की थी। सभी श्रद्धालु भगवती नगर बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुए। 20 दिन में बद्रीनाथ आगे निकला चारधाम यात्रा में महज 20 दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 31 मई तक केदारनाथ में दर्शनार्थियों की संख्या बद्रीनाथ से दो लाख से ज्यादा थी, लेकिन जून के तीसरे सप्ताह से रुझान बदला और 30 जून तक बद्रीनाथ आगे निकल गया। अब तक 13,92,584 श्रद्धालु बद्रीनाथ और 13,68,170 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच चुके हैं। यानी बद्रीनाथ करीब 24 हजार श्रद्धालुओं की बढ़त पर है। बद्रीनाथ में रोजाना 18 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे मई के आखिर तक केदारनाथ में रोजाना 25 से 28 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे थे, जबकि बद्रीनाथ में यह संख्या 15 से 18 हजार के बीच थी। जून के तीसरे सप्ताह से बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी और दोनों धामों के बीच दो लाख से ज्यादा का अंतर खत्म हो गया। अमरनाथ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पहला जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होगा। इसमें सिर्फ वही श्रद्धालु शामिल होंगे, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन, ई-केवाईसी और RFID कार्ड की प्रक्रिया पूरी कर ली है। तवी रिवरफ्रंट सेंटर पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी जारी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को बेस कैंप पहुंचकर सुरक्षा, मेडिकल, ठहरने, बिजली-पानी, हेल्प डेस्क और दूसरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अमरनाथ यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। यात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से संचालित होगी। प्रशासन ने सुरक्षा, मेडिकल, परिवहन और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके। अमरानाथ यात्रा के दो रूट, इस साल 57 दिन की यात्रा… ———————-

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