बंगाल चुनाव पर दिए विवादित बयान पर आमने-सामने दो मौलाना:बंगाल चुनाव पर मौलाना जर्जिश के बयान 'मुसलमानों के रोने का वक्त आ गया', पर मौलाना शहाबुद्दीन ने जताई आपत्ति


आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बंगाल चुनाव के दौरान इटावा निवासी मौलाना जर्जिश अंसारी द्वारा दिए गए बयान “मुसलमानों के रोने का वक्त आ गया” पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बयान को मुस्लिम समाज को गुमराह करने और भड़काने वाला करार दिया है। रजवी बरेलवी ने सरकार से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। हेट स्पीच के दायरे में बयान, सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का उल्लंघन मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मौलाना जर्जिश का बयान पूरी तरह से उकसाने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के उच्चतम न्यायालय ने इस तरह की टिप्पणियों को ‘हेट स्पीच’ की श्रेणी में रखा है। ऐसे में प्रशासन को इस पर चुप्पी साधने के बजाय सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इलेक्शन कमीशन ने निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराए हैं और अब मतगणना की बारी है। लोमड़ी बनने की सलाह पर सवाल, मौलाना के वीडियो से मचा बवाल विवाद की जड़ में मौलाना जर्जिश अंसारी की एक तकरीर का वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मौलाना जर्जिश डरे हुए और दहशत के माहौल में नजर आ रहे हैं। वह बंगाल के मुसलमानों से कह रहे हैं कि अब उनके रोने का समय आ गया है। उन्होंने तकरीर के दौरान कहा कि चुनाव में बंगाल के लोगों ने जो गलती की है, उसका खामियाजा अब मुसलमानों को भुगतना पड़ेगा। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने मुसलमानों को मशविरा दिया कि ‘शेर से बचने के लिए थोड़ी देर के लिए लोमड़ी बन जाओ।’ हालांकि, उन्होंने डर के मारे शेर का नाम लेने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि नाम लिया तो जेल चला जाऊंगा। शांति और अमन की अपील, लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जताया भरोसा मौलाना शहाबुद्दीन ने बंगाल के लोगों से मतगणना के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है और जीत-हार इसकी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या दंगा-फसाद नहीं होगा और लोग अमन-चैन के साथ नतीजों का इंतजार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौलाना जर्जिश जैसे लोगों की बातों का समाज पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि भारत का लोकतांत्रिक निजाम बेहद मजबूत है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *