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फतेहपुर, उत्तर प्रदेश। जिले में आलू की गिरती कीमतों और लागत न निकलने से नाराज किसानों ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। सरदार सेना और जनहित संकल्प पार्टी के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वे अपने सिर और गले में आलू की माला पहनकर आए थे। किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर आलू किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो टोल जाम कर चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वीरेंद्र सिंह पटेल और सुरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि आलू की कीमत तीन से चार रुपये प्रति किलो से भी नीचे पहुंच गई है। किसानों का आरोप है कि व्यापारी आलू खरीदने को तैयार नहीं हैं, जबकि कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में आलू पड़ा हुआ है। कई किसानों की हजारों बोरियां खराब होने की कगार पर हैं, जिससे उनके सामने बच्चों की फीस, दवा और घरेलू खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया है। सरदार सेना के जिलाध्यक्ष प्रमोद पटेल (गोलू) द्वारा दिए गए ज्ञापन में आलू पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने, लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने और सरकारी खरीद की व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, कोल्ड स्टोरेज का पारदर्शी किराया तय करने, फसल खराब होने और कम कीमत मिलने पर मुआवजा देने तथा बिचौलियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल के निर्देश पर यह आंदोलन किया जा रहा है। यदि तत्काल विशेष समिति गठित कर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसानों के साथ सड़क पर उतरकर टोल टैक्स समेत चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होने की चेतावनी दी। इस दौरान, किसान भोला ने कहा कि यदि उन्हें आलू के सही दाम नहीं मिलते हैं, तो वह कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी जान दे देंगे।
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फतेहपुर में आलू किसानों का फूटा गुस्सा:सरदार सेना ने दिया अल्टीमेटम, कलेक्ट्रेट पर आलू की माला पहनकर प्रदर्शन