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पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में सामने आए करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले में आरोपियों को राहत मिलने का सिलसिला जारी है। जनपद एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को अमन फखरूद्दीन खान की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। इससे एक दिन पहले उसकी मां गुलनाज फखरूद्दीन खान को भी इसी मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि अमन फखरूद्दीन खान का नाम न तो एफआईआर में है और न ही उसका डीआईओएस कार्यालय से कर्मचारी या संविदाकर्मी के रूप में कोई संबंध रहा है। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए अग्रिम जमानत की मांग की गई। 98 ट्रांजैक्शन के जरिए सरकारी धनराशि का गबन वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार की तहरीर पर कोतवाली पीलीभीत में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज, बीसलपुर में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर्फ रहमान शम्सी ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के साथ मिलकर 12 सितंबर 2024 से वेतन मद के 98 ट्रांजैक्शन के जरिए 1,01,95,135 रुपए की सरकारी धनराशि का गबन किया। दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद जनपद एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना अमन फखरूद्दीन खान की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण की स्थिति में उसे उन्हीं शर्तों पर जमानत दी जाएगी, जो पहले उसकी मां गुलनाज फखरूद्दीन खान को दी गई थीं। ये हैं अदालत की शर्तें अदालत के आदेश के अनुसार अमन फखरूद्दीन खान को प्रत्येक नियत तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा। वह किसी भी गवाह या साक्ष्य को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा तथा न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकेगा। इस चर्चित वेतन घोटाले में मुख्य आरोपी इल्हाम उर्फ रहमान शम्सी के पुत्र वामीक शम्सी, गुलनाज फखरूद्दीन खान के बाद अब अमन फखरूद्दीन खान को भी अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
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पीलीभीत के DIOS वेतन घोटाला:अमन फखरूद्दीन खान को अग्रिम जमानत, एक दिन पहले मां गुलनाज को भी मिली थी राहत