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जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के खुटमिली गांव में पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव के चलते एक मजदूर द्वारा आत्महत्या किए जाने का हृदयविदारक मामला सामने आया है। 45 वर्षीय रामलखन का शव गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद जहां परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस की देरी से पहुंचने और कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्राम खुटमिली निवासी रामलखन पुत्र रामेश्वर अपनी पत्नी रेखा और बच्चों के साथ कानपुर देहात में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। शुक्रवार शाम वह अकेले अपने गांव आया था। रविवार सुबह वह घर से निकला, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, तभी गांव के कुछ मजदूरों ने खेत में पेड़ से लटका उसका शव देखा और इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले शव पेड़ पर ही लटका रहा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करते हुए फोरेंसिक टीम के आने तक शव को नीचे नहीं उतारा। चिलचिलाती धूप में शव को लंबे समय तक लटकाए रखने से लोगों में रोष और बढ़ गया। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा 8 वर्षीय बेटा प्रिंशू और दो बेटियां निशा (22) और यशोदा (16) हैं। परिजनों ने बताया कि बड़ी बेटी निशा की शादी आगामी 27 जून को तय थी और घर में तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ग्रामीणों के अनुसार, रामलखन घरेलू विवादों से काफी परेशान रहता था। पत्नी के साथ आए दिन होने वाले झगड़ों के कारण वह मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि गांव लौटने के पीछे भी यही कारण था। वहीं, पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच की गई। फोरेंसिक टीम के निरीक्षण के बाद शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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पत्नी से विवाद के बाद मजदूर ने की आत्महत्या:जालौन में पेड़ से लटका मिला शव, पुलिस जांच में जुटी