नोएडा स्पोर्ट्स सिटी समयवृद्धि शुल्क पर 6 साल जीरो पीरियड:3 साल में बनानी होंगी खेल सुविधा, मानचित्र अप्रूवल से पहले जमा करनी होगी 20 प्रतिशत राशि


नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रोजेक्ट को राहत देते हुए 1 मार्च 2020 से 6 अप्रैल 2026 तक की अवधि को घोषित किया है। ये जीरो पीरियड समयवृद्धि शुल्क पर दिया गया। साथ ही मानचित्र अप्रूवल से पहले बकाया का 20 प्रतिशत रशि जमा करनी होगी। इसके अलावा खेल सुविधाएं विकसित करनी होंगी। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि बोर्ड फैसले के मुताबिक 1 मार्च 2020 से 6 अप्रैल 2026 तक की अवधि को देरी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी इस दौरान समयवृद्धि शुल्क, भू-भाटक (लीज रेंट) और अन्य देयताओं में राहत मिलेगी। इससे बिल्डर और आवंटियों को करीब 6 साल से ज्यादा का फायदा होगा। यह अवधि अगले 5 सालों की परियोजना समयसीमा में समायोजित की जाएगी, जिससे निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं जिन मामलों में पहले ही समयवृद्धि शुल्क, अद्यतन लीज रेंट और या एकमुश्त लीज रेंट का भुगतान किया जा चुका है, उन्हें पैसा वापस नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन आवंटियों ने पहले ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दिया है या प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है, उन्हें भी जमा राशि का न तो रिफंड मिलेगा और न ही किसी दूसरी मद में समायोजन किया जाएगा। 20 प्रतिशत जमा करने पर मिलेगा अप्रूवल
बिल्डर को नक्शा पास कराने से पहले कुल बाकाया का 20 प्रतिशत राशि आवेदन की तारीख से 2 महीने के भीतर जमा करना होगा। शेष 80 प्रतिशत राशि ब्याज सहित तीन साल में छमाही किश्तों में जमा करनी होगी। बिना इसके जमा किए नक्शों को अप्रूवल नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा 20 प्रतिशत इंवेंट्री भी प्राधिकरण अपने पास बंधक रखेगा। निर्माण पूरा होने और ओसी जारी होने के बाद प्रॉपर्टी को बंधक मुक्त किया जाएगा। तीन साल में खेल सुविधा फिर रिहायशी नक्शा होगा पास
प्राधिकरण ने साफ किया है कि बिल्डर को पहले तीन साल के भीतर स्पोर्ट्स एक्टिविटी और खेल सुविधाओं का निर्माण करना होगा। इसके बाद ही आवासीय और कॉमर्शियल निर्माण के नक्शे मंजूरी के लिए प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

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