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नेपाल में 26 अगस्त को भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही में कुशीनगर के मोतीचक के भलुहीटोला सतपोखरिया निवासी नथुनी प्रसाद लापता हो गए। वे नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एंट्रेंस हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड की विद्युत परियोजना में काम करते थे। बाढ़ के दौरान जिस कैंप में वे रह रहे थे, वह तेज पानी के बहाव में बह गया। इसके बाद से नथुनी प्रसाद का मोबाइल बंद है और परिजन लगातार उनकी तलाश और संपर्क की कोशिश कर रहे हैं। नथुनी प्रसाद ने 26 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे अपनी पत्नी गंगोत्री देवी से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी पर जा रहे हैं और दोपहर करीब 1 बजे दोबारा फोन करेंगे। इसके बाद उनकी पत्नी से कोई संपर्क नहीं हो सका। कुछ ही घंटे बाद त्रिशूली क्षेत्र में अचानक तेज बाढ़ आ गई। बाढ़ में बह गया पूरा कैंप परिजनों ने नेपाल के उसी क्षेत्र में काम कर रहे गांव के एक अन्य युवक से संपर्क किया। युवक ने बताया कि बाढ़ का पानी अचानक और तेजी से आया। पानी के तेज बहाव में पूरा कैंप बह गया। युवक किसी तरह पहाड़ पर पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। नथुनी प्रसाद के लापता होने की खबर मिलते ही परिवार में चिंता का माहौल है। उनकी पत्नी गंगोत्री देवी और अन्य परिजन उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बेटा हिमाचल से घर लौटा नथुनी प्रसाद के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे हैं। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। उनका चौथा बेटा सुग्रीव विदेश में है, जबकि पांचवां बेटा क्रांति हिमाचल प्रदेश के एक पावर हाउस में काम करता है। पिता के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद क्रांति घर लौट आया है। परिजन अब नथुनी प्रसाद के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। उनके मोबाइल के बंद होने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
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नेपाल त्रासदी में कुशीनगर का मजदूर लापता:पत्नी से आखिरी बार 26 अगस्त की थी बात, बोला- दोपहर 1 बजे करूंगा फोन