थिएटर और कत्थक में अब सुनहरा भविष्य:CSJMU में नए स्टूडेंट्स को मिले टिप्स; एक्सपर्ट्स बोले- सिर्फ टैलेंट नहीं, कड़े रियाज से चमकेगा करियर


अगर आप सोचते हैं कि संगीत या डांस सिर्फ मनोरंजन और शौक का साधन हैं, तो अपनी सोच बदल लीजिए। आज के दौर में परफॉर्मिंग आर्ट्स एक बेहतरीन और बड़ा करियर विकल्प बनकर उभरा है। अब युवा संगीत, कत्थक, थिएटर और वायलिन जैसे पारंपरिक हुनर में डिग्री लेकर देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं और शानदार करियर संवार रहे हैं। यह बातें रविवार को 2 बजे छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा आयोजित नए स्टूडेंट्स के ‘प्रवेश उन्मुखीकरण कार्यक्रम’ में सामने आईं। विश्वविद्यालय परिसर के इंटरनेशनल सेंटर में हुए इस आयोजन में नए सत्र के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को कला के क्षेत्र में बदलती संभावनाओं से रूबरू कराया गया। सिर्फ मंच ही नहीं, इन क्षेत्रों में भी मिल रही नौकरियां विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के शिक्षकों ने बताया कि आज के समय में कला के विद्यार्थियों के लिए संभावनाओं का दायरा बहुत बढ़ गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र न केवल लाइव परफॉर्मेंस और टीचिंग के क्षेत्र में जा सकते हैं, बल्कि उनके लिए रिसर्च, आर्ट एडमिनिस्ट्रेशन और आर्ट जर्नलिज्म जैसे नए और रचनात्मक क्षेत्रों में भी नौकरियों के कई रास्ते खुल रहे हैं। ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के कोर्सेज की पूरी जानकारी कार्यक्रम के दौरान संगीत विभाग के अलग-अलग पाठ्यक्रमों की बारीकियों और उनकी रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रेजुएशन स्तर पर छात्र बीपीए वोकल, कत्थक, थिएटर, सितार, वायलिन और तबला जैसे विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए एमए वोकल, तबला व सितार और एमपीए कत्थक जैसे कोर्सेज उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों ने नए छात्रों को समझाया कि कला के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए लगातार अभ्यास (रियाज), अनुशासन और एक सकारात्मक नजरिए की बेहद जरूरत होती है। रैगिंग और नशे पर पूरी तरह पाबंदी, छात्रों को मिली गाइडलाइंस
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नए छात्र-छात्राओं को कैम्पस के कड़े नियमों से भी अवगत कराया। विभाग ने साफ किया कि परिसर में एंटी-रैगिंग नीति और तंबाकू व नशा निषेध नीति को पूरी तरह कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को समय पर परीक्षा, अटेंडेंस के नियमों, शिकायत निवारण सिस्टम और लाइब्रेरी के नियमों की जानकारी दी गई ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। पढ़ाई के साथ खेल, एनसीसी और हॉस्टल की भी सुविधाएं
सत्र के पहले दिन नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से वेलकम किट भी बांटी गई। इसके बाद उन्हें कैंपस के चक्कर लगाकर वहां मिलने वाली तमाम सुविधाओं के बारे में बताया गया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, हॉस्टल और रहने की व्यवस्था, स्पोर्ट्स फैसिटी, एनसीसी, एनएसएस और छात्र परिषद जैसी गतिविधियां शामिल हैं। कार्यक्रम के आखिरी हिस्से में एक सवाल-जवाब का सेशन हुआ, जहां शिक्षकों ने नए छात्रों और उनके माता-पिता के मन में उठ रहे हर सवाल और शंका को दूर किया।

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