तीन गोलियां लगीं, फिर भी मोर्चे पर डटे रहे सुनील:चार बदमाशों को ढेर करने वाले एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान


शामली के झिंझाना में कुख्यात अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस दिखाते हुए शहीद हुए एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के सर्वोच्च बलिदान को अब देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से नवाजा गया है। गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पुलिस सेवा में सुनील कुमार के योगदान को याद किया। 20 जनवरी, 2025 की रात शामली के झिंझाना क्षेत्र में एसटीएफ की टीम एक लाख रुपये के इनामी बदमाश और मुकीम काला गिरोह के शार्प शूटर अरशद की तलाश में थी। सूचना मिली थी कि अरशद अपने साथियों के साथ क्षेत्र से गुजर रहा है। इसके बाद एसटीएफ टीम ने बिडौली-चौसाना मार्ग पर घेराबंदी की। बदमाशों की गाड़ी सामने आते ही दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक चली मुठभेड़ में अरशद समेत चार बदमाश मारे गए। इस मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मोर्चा संभाले रखा और टीम के साथ कार्रवाई जारी रखी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 22 जनवरी, 2025 को उन्होंने दम तोड़ दिया। करीब दो दशक तक एसटीएफ में सेवा
सुनील कुमार ने करीब दो दशक तक एसटीएफ में सेवा दी। शामली की मुठभेड़ से पहले भी वह कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहे थे। 4 मई, 2023 को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में हुई एसटीएफ मुठभेड़ में उनकी भूमिका के लिए उन्हें मरणोपरांत एक अन्य वीरता पदक भी दिया गया। स्वतंत्रता दिवस पर घोषित हुआ कीर्ति चक्र
14 अगस्त, 2026 को राष्ट्रपति की ओर से घोषित वीरता पुरस्कारों में इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम मरणोपरांत कीर्ति चक्र के लिए शामिल किया गया। रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक सूची में उन्हें एसटीएफ इंस्पेक्टर के रूप में दर्ज किया गया है। इसके बाद मेरठ में उनके परिवार को भी सम्मान की सूचना दी गई। खुद मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने उनके आवास पहुंचकर परिवार को बधाई दी थी। शहीद की पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत, बेटी नेहा और अन्य परिजन सितंबर में मुख्यमंत्री से भी मिले थे। मुख्यमंत्री ने परिवार को दिया सम्मान
गुरुवार को लखनऊ में पुलिसकर्मियों के वीरता सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम में पुलिस के अन्य वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के प्रति सम्मान जताते हुए सुनील कुमार के बलिदान को पुलिस सेवा के लिए प्रेरणादायी बताया। आइए क्रमवार जानते हैं पूरा घटनाक्रम – 20 जनवरी, 2025 को एसटीएफ मेरठ यूनिट को एक लाख रुपये के इनामी अरशद के शामली क्षेत्र में होने की सूचना मिली। टीम ने चौसाना क्षेत्र में घेराबंदी की।
– 20 जनवरी, 2025 की रात बिडौली-चौसाना मार्ग पर एसटीएफ और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई। करीब 30 मिनट तक गोलीबारी चली। अरशद समेत चार बदमाश मारे गए।
– मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
– 22 जनवरी, 2025 को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान सुनील कुमार ने अंतिम सांस ली।
– जानी थाना क्षेत्र में एसटीएफ की एक मुठभेड़ में भूमिका के लिए भी सुनील कुमार सिंह को एक अन्य वीरता सम्मान (4 मई, 2023 की कार्रवाई का भी सम्मान) भी मरणोपरांत मिला।
– 15 अगस्त, 2026 को राष्ट्रपति की ओर से मरणोपरांत कीर्ति चक्र देने की घोषणा हुई। आधिकारिक सूची में इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम शामिल किया गया।

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