झांसी में शराब पिलाकर पत्नी का गला घोंटा:इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, 2 महीने में ही लव मैरिज की, शक करने लगा था पति


मेरी इंस्टाग्राम पर शिवानी से दोस्ती हुई थी। ये दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। महज दो महीने बाद ही हम दोनों ने लव मैरिज कर ली। मगर शादी के बाद शिवानी की हरकतें मुझे पसंद नहीं आई। मुझे मोबाइल और इंस्टाग्राम को लेकर शिवानी पर शक होने लगा। उसके पास कैश भी मिलने लगा। पूछने पर वो कोई जवाब नहीं देती थी। इस बात पर हमारा अक्सर झगड़ा होने लगा। इससे नाराज शिवानी झांसी आकर अपनी बहन-भाई के साथ रहने लगी। 30 अगस्त की रात को हम दोनों ने शराब पी। फिर चिकन खाया। फिर विवाद होने पर मैंने गुस्से में शिवानी का गला घोंट दिया। मौत होने पर कमरे की कुंडी बाहर से लगाकर भाग गया। यह कबूलनामा झांसी में आरोपी यश ठाकुर का है। जिसने अपनी पत्नी सुधा उर्फ शिवानी (27) की हत्या कर दी थी। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। आरोपी ने पुलिस को खूब छकाया। वह बार-बार अपने ठिकाने बदलता रहा। 26 दिन बाद गुरुवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में यश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। पहली बार में ही पसंद आ गई थी शिवानी आरोपी यश ठाकुर ने पुलिस को बताया- दो साल पहले की बात है। मैं एक दिन इंस्टाग्राम चला रहा था। तभी एक खूबसूरत लड़की की रील आ गई। जिसका नाम शिवानी था। मैंने तस्वीर पर मैसेज कर दिया। शिवानी ने रिप्लाई किया। इसके बाद हम दोनों की चैट शुरू हो गई। धीरे-घीरे हमारी दोस्ती हो गई। हम दोनों ने एक-दूसरे से नंबर शेयर कर लिए और बातचीत करने लगे। कुछ दिन बाद ही हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई। लगभग दो महीने बाद ही हम दोनों ने शादी कर ली। मैं शिवानी को बहुत प्यार करता था। लेकिन शादी के बाद मुझे उसकी हरकतें ठीक नहीं लगी। इसलिए शिवानी का मर्डर कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को पकड़ा एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया- हत्या के बाद पुलिस आरोपी यश ठाकुर के पीछे लगी थी। एसएसपी ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। गुरुवार देर रात लगभग 1 बजे पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि यश ठाकुर स्कूटी से झांसी आया है। तब स्वाट टीम और सीपरी बाजार पुलिस ने सिमरधा गांव के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। काउंटर अटैक में यश ठाकुर के पैर में एक गोली लगी। इससे वह घायल हो गया। आरोपी ने पुलिस को बताया- उसका पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था। घटना वाले दिन दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी। इस दौरान दोनों में झगड़ा हो गया। तब उसने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। सोशल मीडिया पर दोस्ती हुई थी सुधा उर्फ शिवानी मध्यप्रदेश के दतिया के इंदरगढ़ की रहने वाली थी। उसके पिता संतराम वंशकार फलों की फेरी लगाते हैं। मां रेखा दिल्ली में घरों में काम करती है। शिवानी 4 बहनों में सबसे बड़ी थी। उससे छोटी प्रीति और नेहा की भी शादी हो चुकी है। एक बहन मुस्कान (18), 2 भाई अनिकेत (17) और कपिल (14) हैं। मुस्कान ने बताया था- 2 साल पहले सोशल मीडिया पर मेरी दीदी शिवानी की दोस्ती ग्वालियर के रहने वाले यश ठाकुर से हुई थी। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। यश कपड़ों की दुकान पर काम करता था। कुछ दिनों बाद दोनों ने घरवालों को रिश्ते में बारे में बताया। हमारे परिवार ने शादी के लिए हां कर दी। डेढ़ साल पहले दीदी ने यश ठाकुर से शादी कर ली। 3 महीने से झांसी में रह रही थी शिवानी मुस्कान ने बताया था- शादी के बाद शिवानी जीजा के साथ ग्वालियर में रहने लगी। कुछ समय बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर जीजा, दीदी के साथ मारपीट करने लगे। परेशान होकर दीदी ने झांसी में आवास विकास फौजी तिराहा के पास किराए पर कमरा ले लिया। दीदी के साथ मैं और मेरा भाई अनिकेत भी रहता था। पिता और छोटा भाई कपिल गांव में रहते हैं। जीजा यश ठाकुर कभी-कभार झांसी आते थे। रक्षाबंधन से एक दिन पहले दीदी भाई कपिल काे लेकर ग्वालियर गई थी। 2 दिन रुकने बाद वह जीजा के साथ झांसी आ गई। यहां से कपिल गांव चला गया था। मरने से पहले पति से झगड़ा हुआ मुस्कान ने बताया- 30 अगस्त की रात दीदी का जीजा से झगड़ा हो गया था। जीजा हमारे परिवार के बारे में बहुत बुरा-बुरा बोल रहे थे। दीदी से कहने लगे कि तेरी बहन के साथ सोकर आया हूं, पापा को चप्पल से पीटूंगा। इसी बात पर झगड़ा बढ़ गया। पास में हमारे मामा संतोष रहते हैं। मामा ने जीजा को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। फिर अनिकेत मामा के घर चला गया। इसके बाद सब नॉर्मल हो गया। मैं अपने कमरे में सो गई, जबकि दूसरे कमरे में दीदी और जीजा सो रहे थे। जीजा ने बाहर से रूम लॉक कर दिया था मुस्कान ने बताया था- रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच जीजा ने अपना बैग मांगा। उन्हें कुछ सामान लेना था। हमने बैग दे दिया। इसके बाद उन्होंने बाहर से कुंडी लगा दी। सुबह करीब 5 बजे बाथरूम जाने के लिए गेट खोलने की कोशिश की। जब गेट नहीं खुला तो करीब आधे घंटे तक चिल्लाकर दीदी और जीजा को आवाज लगाई, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मैं सो गई। सुबह करीब 9 बजे भाई घर आया और उसने गेट खोला। फिर मैंने कमरे में जाकर देखा, तो दीदी की लाश पड़ी थी। भाई बोला- दोनों कमरों की कुंडी बाहर से लगी थी शिवानी के भाई अनिकेत ने बताया- 31 अगस्त की सुबह 9 बजे मैं घर पहुंचा, तो दीदी के कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। मैं कुंडी खोलकर कमरे में गया, तो जमीन पर दीदी की लाश पड़ी थी। उनके कान से खून आ रहा था। गले में निशान बने थे। दूसरे कमरे की कुंडी भी बंद थी। मैंने कुंडी खोलकर बहन मुस्कान को जगाया। इसके बाद आसपास के लोग और घरवाले आ गए। हम लोग दीदी को मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने बहन को मृत घोषित कर दिया। शिवानी की हत्या करके यश ठाकुर कमरा बाहर से लॉक करके भाग गया था। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर शिवानी की हत्या की पुष्टि हुई थी। परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का भी लगाया आरोप शिवानी के परिजनों ने यश पर दहेज उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। पिता संतराम वंशकार के मुताबिक यश दहेज में पैसों की मांग करता था। मांग पूरी न होने पर शिवानी को बुरी तरह से पीटता था। उसे जातिगत गालियां भी देता था। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने यश के खिलाफ दहेज हत्या, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था।

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