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झांसी में भांजे ने अपने 69 साल के सगे मामा को जिंदा जलाकर मार डाला। 28 जून की रात मामा घर के बाहर सोए थे। तभी वह कार से आया और मामा को चद्दर समेत समेटकर कार में डालकर ले गया। लगभग 30 किलोमीटर दूर जंगल में पेट्रोल डालकर मामा को जिंदा जला दिया। रास्ते में उसने गला भी दबाया, फिर आग लगाने से पहले पत्थर से सिर भी कूचा था। वारदात में भांजे के साले और दोस्त भी शामिल थे। शव मिलने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई। शनिवार को हत्या का केस दर्ज करके पुलिस ने देर रात भांजा और उसके साले को गिरफ्तार कर लिया। उनसे वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है। पूरा मामला लहचूरा थाना क्षेत्र का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए मृतक की पहचान नेपाल सिंह तोमर (69) पुत्र चंदन सिंह के रूप में हुई। वह महोबा के महोबकंठ थाना क्षेत्र के दिदवारा गांव का रहने वाला था। लहचूरा थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने बताया- नेपाल की छोटी बहन सुधा की शादी लहचूरा थाना क्षेत्र के धमनापायक गांव में हुई थी। बहनाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए नेपाल 30 सालों से अपनी बहन सुधा के घर पर रह रहे थे। नेपाल ने शादी भी नहीं की थी। पूरी जमीन अपनी बहन सुधा, बहनाई और भांजे प्रीतम के नाम कर दी थी। प्रीतम के नाम करीब 30 बीघा जमीन आई थी। मां के नाम की जमीन बेचने की फिराक में था प्रीतम अपनी पूरी जमीन बेच चुका था। वो माता-पिता से अलग दूसरे घर में रहता था। अब उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए मां सुधा के नाम की जमीन भी बेचने की कोशिश कर रहा था। इसका नेपाल विरोध करता था। नेपाल की बात ही उसकी बहन सुधा मानती थी। इसलिए उसकी घर में चलती नहीं थी। प्रीतम की दूसरी बातों पर भी नेपाल टोका टांकी करता था। मां भी अपने भाई की बात सुनती थी। इस वजह से प्रीतम अपने मामा नेपाल से खुन्नस रखता था। वह उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता था। कई बार नेपाल को वह धमका भी चुका। कह चुका था कि घर जाओ, नहीं तो मार देंगे। दो दिन पहले कहा था- मार दूंगा आरोप है 27 जून को प्रीतम ने बड़े मामा वीर सिंह को फोन करके कहा था कि मामा नेपाल को बुला लो। अगर वो यहां से नहीं गए तो दो दिन बाद उनको जान से मार दूंगा। उसकी बातों को किसी ने सीरियस नहीं लिया। 28 जून की रात को खाना खाकर नेपाल घर के बाहर सोया था। देर रात प्रीतम अपने साथियों के साथ कार से आया और सोते हुए मामा नेपाल को चद्दर समेत समेटकर कार में डालकर ले गए। पहले गला दबाया तो मामा की मौत नहीं हुई। 30 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारागंज गांव के जंगल में पहुंचा। यहां सिर पर पत्थर मार दिया। इसके बाद पेट्रोल डालकर मामा नेपाल को जिंदा जला दिया। शव मिलने के बाद भांजे को उठाया 29 जून को घरवाले जगे तो नेपाल अपने बिस्तर से गायब था। तलाश करने पर भी कोई सुराग नहीं लगा। तब बड़े भाई वीरसिंह तोमर ने लहचूरा थाने में जाकर गुमशुदगी लिखा दी। 2 जुलाई को परिजनों को शव मिला। 3 जुलाई को भाई दोबारा थाने गया और अपहरण कर नेपाल की हत्या करके शव को जलाने की सूचना दी। इसके बाद थाना प्रभारी सरिता मिश्रा की अगुवाई में पुलिस टीम जांच में जुट गई। सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर मालूम चला कि प्रीतम अपनी कार से नेपाल को उठाकर ले गया। 4 जुलाई को पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। देर रात मुखबिर की सूचना पर प्रीतम और उसके चचेरे साले टोड़ीफतेहपुर के मवई गांव निवासी गोलू उर्फ राजा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपहरण के बाद नेपाल को जिंदा जलाने की बात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद हो गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसके साथ मध्य प्रदेश निवासी अनुज भी शामिल था। पुलिस भी उसे तलाशने में जुटी है।
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झांसी में भांजे ने मामा को जिंदा जलाया:सोते समय कार में डालकर ले गया, 30Km दूर पेट्रोल डालकर आग लगाई, 2 अरेस्ट