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चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंदियों के दो गुटों में टकराव के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने गोपनीय जांच बैठा दी है। उन्होंने एक टीम का गठन कर दिया है जो पूरे मामले की तह तक जाकर हकीकत को उजागर करेगी ताकि आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। विगत शुक्रवार को जिला कारागार में बंदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। बंदियों के बीच जमकर कट्टन चलीं, जिसके चलते बंदी मौजा को गंभीर चोट आई और उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ गया। बताया जाता है कि अधिक खून बहने के कारण मौजा की हालत चिंताजनक बनी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जेल प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठा हुआ है। चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं
यह स्पष्ट हो चुका है कि बंदियों के दो गुटों में विवाद हुआ और एक बंदी को गंभीर चोटें आई। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने किसी के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। चौकाने वाली बात तो यह है कि उच्चाधिकारियों को भी जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट देना गवारा नहीं समझा। यही वजह है कि चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। जेल में टकराव की संभावना बढ़ी
बंदी मौजा के बाद जेल के भीतर टकराव के हालात और बढ़ गए हैं। अभी कुछ दिन पहले ही इसी तरह के एक विवाद के चलते चार बंदियों को प्रदेश की अलग अलग जेलों में शिफ्ट करदिया गया था लेकिन इस मामले में जेल प्रशासन कोई एक्शन लेने को तैयार नहीं है। आरोप तो यहां तक है कि मामले को मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। गोपनीय टीम ने जांच शुरु की
इस विवाद को लेकर एसएसपी मेरठ अविनांश पांडेय गंभीर हैं। उन्होंने जेल प्रशासन की लापरवाही उजागर होने के बाद अपने स्तर से एक टीम का गठन कर दिया है। यह टीम पूरी तरह गोपनीय तरीके से जांच कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देगी। रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जेल में बंदियों के विवाद की गोपनीय जांच शुरु:एसएसपी की तरफ से किया गया टीम का गठन, रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई