जिम में डॉक्टर को नशीला ड्रिंक पिलाकर रेप का मामला:ब्लैकमेलिंग और 50 लाख की रंगदारी केस में आरोपी की जमानत खारिज


बरेली के सिविल लाइंस स्थित अल्टीमेट फिटनेस जिम में महिला डॉक्टर को नशीला ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अशोक कुमार यादव ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी आलम बेग की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। दिसंबर 2024 से जिम जा रही थी महिला डॉक्टर
एफआईआर के मुताबिक, 48 वर्षीय महिला डॉक्टर दिसंबर 2024 से अल्टीमेट फिटनेस जिम में वर्कआउट के लिए जाती थीं। आरोप है कि जिम संचालक अकरम बेग और उसका भाई व जिम ट्रेनर आलम बेग ने सुनियोजित तरीके से उन्हें प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाना शुरू किया। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया गया। 1 मई को दोबारा दुष्कर्म का प्रयास, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
महिला डॉक्टर ने शिकायत में बताया कि 1 मई 2026 को आरोपी ने दोबारा उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर पहले 10 लाख रुपये और बाद में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने 4 मई 2026 को थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। रेप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी सहित कई गंभीर धाराओं में दर्ज है केस
पुलिस ने महिला डॉक्टर की तहरीर के आधार पर जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और धमकी देने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सरकारी वकील ने जमानत का किया कड़ा विरोध
सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता सुरेश बाबू ने जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी ने अपने भाई अकरम बेग के साथ मिलकर महिला डॉक्टर का यौन शोषण किया, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और मोटी रकम की अवैध वसूली का प्रयास किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए उसे जमानत पर रिहा करना न्यायहित में नहीं होगा। कोर्ट बोला- आरोप गंभीर, राहत देने का आधार नहीं
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने आलम बेग की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को इस चरण में जमानत नहीं दी जा सकती। दोनों आरोपी जिला जेल में बंद है।

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