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मेरठ में आरएसएस, भाजपा और बजरंग दल को लेकर सार्वजनिक मंच से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आजाद समाज पार्टी के नेता बदर अली के खिलाफ आखिरकार छह दिन बाद मुकदमा दर्ज हो गया। रेलवे रोड पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर बीएनएस की धारा 353(2), 197, 190 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी। रविवार को मुकदमा दर्ज नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के अगले ही दिन सोमवार सुबह पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामला बदर अली के एक 29 सेकेंड के वायरल वीडियो से जुड़ा है। वीडियो को किसी सार्वजनिक सभा का बताया जा रहा है, जिसमें वह लोगों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बदर अली अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहते दिखाई देते हैं कि उनकी पार्टी के पास न सांसद हैं, न विधायक और न ही पैसे वाले लोग हैं। इसके बावजूद वे शहर और लोगों के लिए लठ लेकर खड़े हैं। इसके बाद वह सभा में मौजूद लोगों से कहते हैं कि जिस दिन उन्होंने ताकत दे दी और उनके हाथों को वजूद मिल गया, उस दिन भाजपा, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े लोग कई बार सोचेंगे कि अब किसी टोपी वाले को नहीं मारना है। वीडियो सामने आने के बाद बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सचिन सिरोही ने जताया विरोध
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इसका विरोध किया। उन्होंने बदर अली पर भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक टकराव की स्थिति पैदा करने की साजिश का आरोप लगाया। सिरोही ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर वायरल वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शिकायत के बाद भी तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं होने पर मामला यहीं नहीं रुका। सचिन सिरोही एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति, डीआईजी कलानिधि नैथानी समेत कई अधिकारियों से मिले। उन्होंने अधिकारियों के सामने पूरे मामले को रखा और कार्रवाई की मांग की। छह दिन तक नहीं हुई एफआईआर
लगातार शिकायतों के बावजूद करीब छह दिन तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस दौरान वीडियो को लेकर दोनों पक्षों में बयानबाजी भी चर्चा में रही। सचिन सिरोही ने रविवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि यदि बदर अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद सोमवार सुबह रेलवे रोड पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। वीडियो की जांच करेगी पुलिस
पुलिस ने वायरल वीडियो को मुकदमे का आधार बनाया है। अब वीडियो की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग की जगह और समय के साथ ही बयान के पूरे संदर्भ की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो किस सार्वजनिक सभा का है और इसमें बदर अली ने पूरा भाषण किस संदर्भ में दिया था।
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छह दिन बाद बदर अली पर मुकदमा, गरमाया विवाद:भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल पर टिप्पणी का आरोप, आंदोलन की चेतावनी पर हुई रिपोर्ट