चौथ में भारतीय कश्यप सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष अरेस्ट:अलीगढ़ DIG ऑफिस पर किया प्रदर्शन, बोला– पुलिस में गुंडे भर्ती; वर्दी उतारकर आएं तो बताएं


अलीगढ़ पुलिस ने जमीनों पर अवैध कब्जा करने और उसके बदले चौथ वसूलने के लिए गिरोह बनाकर काम करने वाले भारतीय कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा को बुधवार देर रात अरेस्ट किया है। खुद पर और अपने साथियों पर कानूनी शिकंजा कसता देख पुलिस को दबाव में लेने के लिए आरोपी ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर डीआईजी कार्यालय पर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मर्यादा भूलते हुए कश्यप सेना के अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली और विवादित बयान देते हुए कहा कि सड़क से गुंडे उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती कर दिए हैं। एक बार वर्दी उतारकर जनता के बीच में आएं तब बताएंगे। थाना महुआखेड़ा क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने के लिए चौथ मांगने की शिकायत पर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह और अलीगढ़ के मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव समेत कुल 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। ये है पूरा मामला ग्राम भरतुआ के रहने वाले एक पीड़ित ने थाना महुआखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने पौने दो बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका दाखिल-खारिज भी हो चुका था। लेकिन कश्यप सेना के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव ने बाहरी जनपदों के लोगों के साथ मिलकर एक गैर-कानूनी संगठन बनाया है। वह जमीन पर पीड़ित को कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। आरोप है कि जमीन पर कब्जा छोड़ने के एवज में यह गिरोह पीड़ित से मोटी रंगदारी मांग रहा था। कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस पर बनाया दबाव पुलिस ने अवैध वसूली और जमीन कब्जे की भनक लगते ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया। कार्रवाई से बचने के लिए प्रताप सिंह ने पुलिस को दबाव में लेने के लिए डीआईजी कार्यालय पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले भी आरोपी 19 जून को एसएसपी नीरज कुमार जादौन के कार्यालय पर दर्जनों कार्यकर्ताओं को लेकर ज्ञापन देने पहुंचा था। प्रदर्शन के दौरान उसने एसएसपी के पीआरओ दीपेंद्र कुमार पर ज्ञापन फाड़ने का झूठा आरोप लगाया और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। वहीं, डीआईजी कार्यालय पर जब सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने उसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी, तो उसने पुलिस पर ही एनकाउंटर करने की धमकी देने का आरोप मढ़ दिया। ‘वर्दी उतारकर आओ, जनता बताएगी…’ कश्यप सेना के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने सुशासन और पुलिस व्यवस्था पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसने पुलिस टीम को गुंडा बताते हुए कहा कि सड़क से गुंडों को उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती करा दिया है। बोला–ये गुंडे ही तो हैं, जो सरेआम मुकदमों और लाठीचार्ज की धमकी दे रहे हैं। वर्दी उतार कर आओ ना, जनता से भिड़ो, फिर जनता आपको बताएगी कि क्या मुकदमा होता है और क्या लाठीचार्ज होता है। पुलिस ने घेराबंदी कर 10 आरोपियों को दबोचा पुलिस ने गिरोह की गुंडागर्दी और दबाव की राजनीति के आगे झुकने के बजाय कड़ी कार्रवाई की। थाना महुआखेड़ा, क्वार्सी, सिविल लाइंस और महिला थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर थाना क्षेत्र महुआखेड़ा से गिरोह के 10 सदस्यों को धर दबोचा। इनमें अलीगढ़ निवासी मंडल अध्यक्ष अजय कांत पुत्र राजकुमार, सहारनपुर निवासी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पुत्र कृपाल सिंह, विकास पुत्र नौरत सिंह, अमित पुत्र ओमप्रकाश सिंह, पंकज पुत्र पप्पू, गौरव पुत्र सुरेंद्र सिंह और मैनपुरी निवासी करन पुत्र जगतपाल सिंह, लखीमपुर खीरी निवासी विनय पुत्र बलराम, मुरादाबाद निवासी रामसिंह आर्य पुत्र अंगनलाल आर्य व शामली निवासी रिषभ पुत्र संतलाल शामिल हैं। नकली नोटों के मामले में भी जा चुका है जेल सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। सहारनपुर के थाना कुतुबशेर पुलिस द्वारा प्रताप सिंह को 11,410 रुपए के जाली नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ सहारनपुर के जनकपुरी और अन्य थानों में सरकारी कार्य में बाधा डालने व धमकी देने के संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं उसके साथी अजय कांत के खिलाफ भी मारपीट, रंगदारी और घरेलू हिंसा के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश में वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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