![]()
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब चलती ट्रेन के जनरल कोच में एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। यह मामला गाड़ी संख्या 15532 का है, जिसमें सफर कर रही महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की पहचान मशर्रत परवीन के रूप में हुई, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के सलाह बुजुर्ग गांव की रहने वाली हैं। वह ठंडरीकलां से खगड़िया तक की यात्रा कर रही थीं। देखिए 2 तस्वीरें यात्री की सूचना से हरकत में आया रेलवे प्रशासन मंगलवार को शाम करीब 5:33 बजे “यात्री मित्र” के जरिए सूचना मिली कि ट्रेन के जनरल कोच में एक महिला को तत्काल मदद की जरूरत है। जैसे ही सूचना मिली, रेलवे सुरक्षा बल की टीम तुरंत सक्रिय हो गई और मौके के लिए रवाना हो गई। ट्रेन रुकते ही टीम ने संभाला मोर्चा गाड़ी जैसे ही शाम 5:35 बजे गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची, आरपीएफ की टीम बिना देरी किए संबंधित कोच तक पहुंची। टीम में उप निरीक्षक प्रियंका सिंह, दीपिका यादव, अमित उपाध्याय, महिला कांस्टेबल सुनीता और अन्य जवान शामिल थे। इंजन से सातवें जनरल कोच में पहुंचने पर पता चला कि महिला का प्रसव हो चुका है और स्थिति को संभालने की जरूरत है। डॉक्टरों ने मौके पर किया प्राथमिक उपचार तुरंत रेलवे अस्पताल से डॉक्टर रामप्रवेश कुशवाहा और महिला स्टाफ को बुलाया गया। मौके पर ही चादर से घेराव कर महिला को सुरक्षित माहौल दिया गया और प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। जच्चा और नवजात दोनों सुरक्षित डॉक्टरों की देखरेख में प्रसव के बाद महिला और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। इस दौरान महिला के साथ उनकी मां बेगम खातून भी मौजूद थीं, जो लगातार उनकी देखभाल में लगी रहीं। परिजनों की सहमति से अस्पताल भेजा गया प्राथमिक उपचार के बाद महिला के परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस (UP32FG1490) की व्यवस्था की गई और जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। समय रहते मदद से टला बड़ा खतरा इस पूरी घटना में आरपीएफ टीम और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। रेलवे प्रशासन की तत्परता और समन्वय से महिला का सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया।
Source link
चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया:गोरखपुर RPF और डाक्टरों की टीम ने कराया डिलीवरी, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित