गिरिराज जी का हुआ पंचरत्नम महाभिषेक:शास्त्रीय संगीत पर थिरकते रहे भक्त, आज अर्पित होगा 21 टन दिव्य 56 भोग


गिरिराज की भूमि गोवर्धन् की गिरि तहलटी जहाँ गिरिराज धरन की जय जयकार से गूंजता रही वहीं यमुना ,गंगा गोदावरी, बह्मपुत्र, चिनार, कृष्ण,अलखनंदा के पवित्र जल दूध, दही, शहद व जड़ी बूटियों के पंचामृत से श्री गिरिराज महाराज का दिव्य पंचरत्नम महाभिषेक किया गया। ग्वाल और सखी रूप बने श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से अभिषेक कर आरती की। छप्पन भोग उत्सव की पूर्व संध्या पर वैदिक मंत्रोच्चरण के मध्य आचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी, पंडित माखन लाल चतुर्वेदी ने महाभिषेक सम्पन्न कराया। गिर्राज जी को दिया 56 भोग का निमंत्रण ब्रज के प्रमुख उत्सवों में शुमार छप्पन भोग उत्सव में महाभिषेक के दौरान वातावरण कृष्णमय हो गया। गोपी स्वरूप धारण करके महिलाएं एंव ग्वाल रूप धारण करते समिति परिवार के सदस्य गाजे बाजे के साथ छप्पन भोग स्थल में अभिषेक करने को आए। इन्द्र के मानमार्दन के उपरांत ब्रजवासियों ने जैसे गिरिराज महाराज को छप्पन भोग लगाया उसी भाव को साकार करने के भाव से श्रीगिरिराज सेवा समिति परिवार द्वारा यह उत्सव का आयोजन किया गया। इसके लिए समिति परिवार सदस्यों द्वारा महाभिषेक कर भगवान गिरिराज महाराज को छप्पन भोग का न्यौता दिया है। यह हुए अभिषेक में शामिल ग्वाल गोपी के स्वरूप में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु श्री गिर्राज महाराज का जय जयकार कर भगवान गिरिराज महाराज का अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे। इससे पूर्व समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने विधि विधान से पंचामृत पंचरत्नम अभिषेक किया। मुख्य यजमान अशोक कुमार आढ़ती,नीरज गोयल ने कलश पूजन किया। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ,संयोजक अनमोल बंसल,संयोजक दिनेश मंगल,बाँके बिहारी सोनी, दिनेश सादाबाद, संरक्षक राजेन्द्र सर्राफ, कोषाध्यक्ष भगवानदास खण्डेलवाल, सुनील अग्रवाल पेंट्स, विजय बीकानेर,राजेश बालोत्रा,संयोजक कन्नू सर्राफ, हरीश गिलट, देवेश सरन सर्राफ, विनोद अग्रवाल कपड़े वाले, राजीव अग्रवाल, संजय जिंदल, महावीर अग्रवाल, राकेश गर्ग, तुषार हाथी वाले,अंकित बंसल, मनीष सर्राफ, कपिल अग्रवाल, अरविंद विसावर आदि ने गिर्राज महाराज का अभिषेक किया। चाँदी के कमल पुष्प शेषनाग के फ़न पर विराजेंगे गिरिराज शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर ब्रज के प्रमुख श्री गोवर्धन की गिरि तलहटी में होने वाले छप्पन भोग के लिए परिक्रमा हरियाली की हरिप्रियतमा और रंग बिरंगी रोशनी से नहा उठी है। इस बार गिरिराज सप्त रत्नों से सजे चाँदी के कमल पुष्प और शेषनाग के फ़न पर दर्शन देंगे। शुद्ध गाय के घी से बने 21 हजार किलो प्रसाद से सजने वाले छप्पन भोग में सोने के वर्क के व्यंजन भी शामिल है। गिरिराज प्रभु का श्रंगार राजाधिराज रूप में पंडित शरद मुखिया करेंगे। जिसमें हीरे मोती, नीलम, पन्ना, पुखराज, गोमिद जैसे नवरत्नों का प्रयोग किया जाएगा। प्रभू हीरा जड़ित बाँसुरी धारण करेंगे। स्थान -स्थान पर शास्त्रीय संगीत की स्वर-लहरियों से गायन होगा।

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