गन्ना समिति गबन में लिपिक बर्खास्त:करोड़ों रुपये की धनराशि निजी खातों में ट्रांसफर करने का था आरोप, वसूली के आदेश


सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड में लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में गन्ना विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। समिति के स्थायी लिपिक रोहित कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद यह फैसला लिया गया, साथ ही गबन की धनराशि की वसूली आरोपी कर्मचारी के देयकों से करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आने पर लिपिक रोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर से जांच अधिकारी नियुक्त कर विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान बैंक खातों के स्टेटमेंट, भुगतान अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया गया। इसमें स्पष्ट रूप से सिद्ध हुआ कि आरोपी कर्मचारी ने समिति के गन्ना मूल्य खाते से कूटरचित तरीके से धनराशि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। इतना ही नहीं, विभागीय अधिकारियों से बचने के लिए उसने समिति के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट के लिए अपना निजी मोबाइल नंबर दर्ज करा रखा था। इससे वित्तीय लेनदेन की जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचती थी। जांच रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोप पूर्ण रूप से सिद्ध पाए गए। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने अपने पदीय दायित्वों का उल्लंघन करते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना सेवा नियमावली 1975 के प्रावधानों की अनदेखी की। इससे समिति को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंची और विभाग की छवि धूमिल हुई। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरण के निर्णय के क्रम में रोहित कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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