कोचिंग सेंटर्स में एंट्री-एग्जिट का एक ही रास्ता:मेरठ में फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर मिले, चेकिंग में खुली पोल


लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंगलवार से शुरू हुए 72 घंटे के विशेष जांच अभियान आज गुरुवार को भी जारी है। इससे पहले बुधवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। पीएल शर्मा रोड स्थित कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि उनके संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और अग्निशमन से जुड़े अन्य उपकरण मौजूद हैं, लेकिन एंट्री और एग्जिट का रास्ता एक ही है। इस पर अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को सुरक्षा मानकों के अनुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कुछ कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में खामियां मिलीं। जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में लगे अग्निशमन यंत्र या तो एक्सपायरी थे या फिर उन्हें हाल ही में रिफिल कराया गया था। बुढ़ाना गेट क्षेत्र स्थित कुछ कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। यहां कई स्थानों पर बिजली के तार खुले पड़े मिले, स्विचबोर्ड बिना कवर के थे और तार क्लासरूम में फैले हुए पाए गए। इसके अलावा कुछ कक्षाओं की छत भी टूटी हुई मिली। जांच के दौरान अधिकारियों ने फायर एनओसी, फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। निरीक्षण में कुछ ऐसे कोचिंग सेंटर भी मिले जहां एंट्री और एग्जिट के लिए केवल एक ही रास्ता था। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना और संचालकों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि आपात स्थिति में अलग एग्जिट होना जरूरी है, ताकि छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन का कहना है कि 72 घंटे का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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