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मुख्यमंत्री लगातार लोगों से बिजली बचाने की अपील कर रहे हैं। सरकार ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है। हालांकि, कानपुर देहात से सामने आई तस्वीर सरकारी कार्यालयों में इस मुहिम की हकीकत पर सवाल खड़े करती है। ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन का है। यहां जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में उस समय एयर कंडीशनर, पंखे और लाइटें पूरी तरह चालू मिले जब कमरे में कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। कमरे में ठंडक बनी हुई थी, लेकिन उसका उपयोग करने वाला कोई नहीं था। यह स्थिति तब सामने आई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऊर्जा संरक्षण पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ आम जनता से बिजली बचाने का आग्रह किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में इस तरह की बर्बादी कई सवाल खड़े करती है। खासकर ऐसे समय में जब ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात हो रही है।
मामले में जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय से बात की गई। उन्होंने बताया कि वह कुछ देर पहले तक कार्यालय में मौजूद थीं और फिर बीज भंडार के निरीक्षण के लिए अकबरपुर चली गईं। उन्होंने स्वीकार किया कि संभवतः जल्दबाजी में एसी, पंखा और लाइट बंद करना रह गया होगा। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि तत्काल कार्यालय से संपर्क कर सभी विद्युत उपकरण बंद करवा दिए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि जब जिम्मेदार विभागों के कार्यालयों में ही बिजली बचाने के नियमों का पालन नहीं हो रहा, तो आम लोगों से ऊर्जा संरक्षण की अपेक्षा कितनी प्रभावी साबित होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।
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कानपुर देहात में सरकारी दफ्तर में बिजली बर्बादी:खाली कृषि अधिकारी कार्यालय में चलता मिला AC, पंखे और लाइटें