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कन्नौज में आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को कानपुर जोन की एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ ने डीआईजी यमुना प्रसाद, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक बिनोद कुमार के साथ मेहंदी घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने घाट पर पैदल भ्रमण कर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजामों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एडीजी ने घाट पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, मेडिकल सुविधाओं, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था का परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ ने घाट पर तैनात गोताखोरों से बातचीत कर उनकी तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही आपदा प्रबंधन टीम के सदस्यों से सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने आमजन और श्रद्धालुओं से भी प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। हालांकि, निरीक्षण के दौरान ही सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल भी खड़े होते नजर आए। एडीजी के घाट पर मौजूद रहने के बावजूद कई नावों में श्रद्धालुओं को बिना लाइफ जैकेट के गंगा में घुमाया जा रहा था। नाविकों की इस लापरवाही पर मौके पर मौजूद अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी। मेहंदी घाट पहुंचे श्रद्धालु ललित कुमार ने बताया कि यहां प्रतिदिन नाविक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के श्रद्धालुओं को गंगा की सैर कराते हैं। उनका कहना है कि छोटी-छोटी नावों को मोटर बोट में बदलकर उनमें 10 से 12 लोगों को बैठाकर बीच धारा तक ले जाया जाता है, जबकि अधिकांश यात्रियों को लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाव संचालन के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने और बिना लाइफ जैकेट नाव चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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कांवड़ यात्रा की तैयारियों का एडीजी ने लिया जायजा:कन्नौज में मेहंदी घाट पर सुरक्षा इंतजाम परखी, बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर उठे सवाल