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लखनऊ में जैन समाज के लिए श्रद्धा और उत्साह का विशेष अवसर रहा। उपाध्याय रत्न एवं मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर ससंघ के राजधानी आगमन पर आशियाना क्षेत्र में भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगभग 1000 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर लखनऊ पहुंचे उपाध्यायश्री का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना में हुए मंगल प्रवेश के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया। बैंड-बाजों, मंगल ध्वनियों और जयघोष के बीच उपाध्यायश्री का विहार प्रारंभ हुआ। पीले वस्त्र धारण किए हजारों श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और धार्मिक गीतों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की। इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा मंगल प्रवेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन कर मुनिसंघ का अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में उपाध्यायश्री के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। उपाध्यायश्री का यह आगमन काकोरी स्थित भगवान पारसनाथ धाम में 24 से 29 जून 2026 तक आयोजित होने वाले ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है। वे इस महोत्सव में ससंघ सानिध्य प्रदान करेंगे, जिससे आयोजन की धार्मिक गरिमा और बढ़ेगी। महोत्सव में लोगों को पहुंचने की अपील की इस अवसर पर श्री दिगम्बर जैन सेवा समिति, आशियाना के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जैन, मुख्य संयोजक ब्रिजेश जैन ‘बंटी’, अध्यक्ष संजीव जैन समेत समिति के कई पदाधिकारी और समाज के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।आशियाना जैन समाज और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने धर्मप्रेमियों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। समिति के अनुसार यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम होगा।
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उपाध्याय विहसंत सागर ससंघ का लखनऊ आगमन:जैन समाज में उत्साह, पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारी