इटावा में यमुना में नहाते समय दो किशोर डूबे:17 किलोमीटर दूर से दूसरे किशोर का शव बरामद, पशु चराते समय नदी में नहाने उतरे थे


इटावा के जसवंतनगर में यमुना नदी में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। मंगलवार की रात को दूसरे किशोर निखिल(13) का शव भी बरामद कर लिया गया। निखिल का शव घटनास्थल से करीब 17 किलोमीटर दूर ग्राम गुरहा जाखन के पास मिला, जिसके बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है। मामला सोमवार शाम का है। बलरई इलाके के मडैया गांव के रहने वाले तीन किशोर—सूरज, मयंक (उर्फ मिथुन) और निखिल—यमुना नदी के किनारे अपने जानवरों को चराने गए थे। गर्मी और उमस के बीच तीनों नदी में नहाने चले गए। नहाते-नहाते तीनों किशोर गहरे पानी में चले जाने की वजह से डूबने लगे। इनमें से सूरज पुत्र रामगोपाल ने किसी तरह हिम्मत दिखाई और तैरकर बाहर निकल आया। बाहर आते ही उसने शोर मचाया, लेकिन तब तक मयंक पुत्र शेर सिंह और निखिल पुत्र ब्रजकिशोर नदी के तेज बहाव में लापता हो चुके थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और शवों की बरामदगी सूरज की सूचना पर गांव वाले और तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तलाश में लगाया गया। भारी मशक्कत के बाद सोमवार देर शाम ही मयंक उर्फ मिथुन का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर ग्राम फरकीरे के पास से बरामद कर लिया गया था। निखिल का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। मंगलवार को फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। जिसके बाद देर रात घटनास्थल से करीब 17 किलोमीटर दूर गुरहा जाखन गांव के पास निखिल का शव भी पानी में तैरता हुआ मिला। मृतक मयांश के चाचा भूदेव ने बताया कि सोमवार को बच्चे पशु चराने के लिए निकले थे। शाम को सूचना मिली कि नदी में नहाते समय उनका भतीजा डूब गया। उन्होंने बताया कि तीन बच्चे साथ थे, जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा अब भी लापता है। दोनों मृत किशोरों की तस्वीरें – पूरी रात बैठा रहा पिता निखिल के पिता ब्रजकिशोर बेटे का इंतजार करते रहे। सोमवार देर शाम मयंक उर्फ मिथुन का शव ग्राम फरकीरे के पास बरामद कर लिया गया था। वहीं ब्रजकिशोर यमुना के किनारे बैठे रहे कि शायद उनका बेटा जिंदा वापस मिल जाए। मंगलवार रात शव मिलने की खबर ने उनकी उम्मीद भी तोड़ दी। क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने निखिल का शव मिलने की पुष्टि की है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दो बच्चों की मौत से मडैया गांव और आसपास के पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का हर शख्स इस हादसे से स्तब्ध है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बरसात और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचें।

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