इंस्टाग्राम वाले 'रहमान' ने आशीष बनकर किया निकाह:बरेली जंक्शन पर पत्नी को अकेला छोड़ बच्चे के साथ गायब हुआ शातिरइंस्टाग्राम से शुरू हुआ 'इश्क' और धोखे का खेल


बरेली के नवाबगंज के सरदार नगर निवासी हीरालाल गंगवार के बेटे आशीष गंगवार ने सोशल मीडिया के जरिए फरेब की ऐसी जाल बुनी कि एक युवती की जिंदगी दांव पर लग गई। आशीष ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहचान ‘रहमान’ के रूप में बताई और मऊ निवासी फात्मा को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। ढाई साल पहले दोनों ने लखनऊ में निकाह किया और फिर उत्तरांचल के रुद्रपुर में रहने लगे। फात्मा को भनक तक नहीं थी कि जिसे वह रहमान समझ रही है, उसका असली नाम आशीष है। पिता की मौत के बाद खुला राज, शुरू हुआ विवाद
आशीष की असलियत तब सामने आई जब उसके पिता का निधन हुआ। वह फात्मा को लेकर अपने पैतृक गांव सरदार नगर पहुंचा। वहां फात्मा को पता चला कि उसका पति मुस्लिम नहीं, बल्कि हिंदू है। हकीकत सामने आते ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर आशीष उसे रुद्रपुर में अकेला छोड़कर भाग निकला। फात्मा ने हिम्मत नहीं हारी और कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस आशीष को पकड़कर भी लाई। बरेली जंक्शन पर रची गई गायब होने की साजिश
पुलिस की फटकार के बाद आशीष ने नाटक रचा। उसने अपने दोस्त कपिल के साथ फात्मा को भरोसा दिलाया कि उनका बेटा बरेली में उसकी बड़ी बहन के पास है और वे सब साथ मिलकर दिल्ली में रहेंगे। झांसे में आकर फात्मा उसके साथ बरेली जंक्शन पहुंची। वहां शातिर आशीष अपना मोबाइल फात्मा के पास ही छोड़कर बेटे और दोस्त के साथ रफूचक्कर हो गया। काफी देर इंतजार के बाद जब वह नहीं लौटा, तब फात्मा को अपने साथ हुए नए धोखे का अहसास हुआ। पुलिस की ‘वीआईपी ड्यूटी’ के बीच दर-दर भटकती पीड़िता
परेशान विवाहिता अपने पिता के साथ दोबारा नवाबगंज कोतवाली पहुंची, लेकिन वहां उसे न्याय के बजाय इंतजार मिला। पुलिसकर्मियों के वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। लाचार फात्मा वापस अपनी ससुराल पहुंची, लेकिन वहां भी उसे घर में जगह नहीं मिली। फिलहाल वह एक पड़ोसी के घर रात गुजारने को मजबूर है और अपने चार महीने के मासूम बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही है।

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