![]()
आगरा के थाना ट्रांस यमुना अंतर्गत प्रार्थना अस्पताल में मरीज की मौत पर तीमारदारों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाने से मरीज की मौत हुई है। परिजनों के हंगामे के चलते स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। देर तक हंगामा चलता रहा। फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी कुलदीप कुमार को पैर में फ्रैक्चर होने के चलते 15 अगस्त को गल्ला मंडी के पास प्रार्थना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि कुलदीप पिछले 9 दिन से अस्पताल में भर्ती था। डॉक्टर ने बताया कि उसके पैर में दो जगह फ्रैक्चर है। ऑपरेशन के लिए 23 अगस्त की तारीख तय की गई। शाम 4 बजे अस्पताल संचालक ने बाहर से किसी डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर के आने से पहले अस्पताल स्टाफ ने कुलदीप को कोई इंजेक्शन लगाया। इससे उसकी तबियत बिगड़ गई। 10 मिनट में ही कुलदीप की मौत हो गई।
मौत की सूचना पर परिजन आक्रोशित हो गई। उन्होंने तोड़फोड़ हंगामा कर दिया । इसको देखकर अस्पताल स्टाफ शव को छोड़कर भाग निकले। परिजनों का कहना है कि शाम करीब साढे़ 4 बजे अस्पताल से फोन आया कि आपका पेशेंट एक्सपायर हो गया है। इसके बाद जब हम लोग फिरोजाबाद से अस्पताल आए तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। अस्पताल में कोई भी डॉक्टर और स्टाफ मौजूद नहीं था। 4 बजे फोन पर हुई बात मृतक के साले अंकित ने बताया कि शाम करीब 4 बजे उनकी जीजा से फोन पर बात हुई थी। उस समय उनकी हालत बिल्कुल ठीक थी। उन्होंने बताया था कि ऑपरेशन होने वाला है। इसके आधे घंटे बाद ही मौत की सूचना आ गई। उनका आरोप है कि अस्पताल के डॉ. अवधेश यादव ने फोन पर उन्हें धमकाया भी था। रात करीब 11 बजे तक परिजन हंगामा कर रहे थे। मौके पर थाने का फोर्स मौजूद था। पुलिस आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि परिजन जो तहरीर देंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
Source link
आगरा में मरीज की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़:पैर का आपॅरेशन होना था, इंजेक्शन लगाने के बाद हुई मौत