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असम में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से कथित संबंधों के मामले में सहारनपुर का एक युवक सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ गया है। असम क्राइम ब्रांच ने सहारनपुर निवासी नूर मोहम्मद को उन्नाव से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-आई) के लिए आर्थिक मदद जुटाने और नेटवर्क को सहयोग पहुंचाने में शामिल था। नूर मोहम्मद थाना कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी का रहने वाला बताया गया है। उसके खिलाफ असम के तिनसुकिया जिले में पहले से मुकदमा दर्ज था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और तिनसुकिया से गायब होने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी। आखिरकार उसे उन्नाव से हिरासत में लिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नूर बाहर रहकर फेरी के माध्यम से कपड़ों का कारोबार करता था। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वह करीब आठ महीने से घर नहीं आया था और ईद के मौके पर उसके सहारनपुर लौटने की चर्चा चल रही थी। हालांकि गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उसके घर पर ताला लगा मिला। बताया जा रहा है कि परिजन भी घर से कहीं चले गए हैं। गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से संपर्क कर नूर की गतिविधियों और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वह कब से इस नेटवर्क से जुड़ा था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान नूर मोहम्मद के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड से कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि फंडिंग का नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इसके तार अन्य राज्यों तक भी जुड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ और जांच के लिए असम पुलिस नूर मोहम्मद को सहारनपुर भी ला सकती है। फिलहाल विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की पड़ताल में जुटी हुई हैं।
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असम के उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ा सहारनपुर का युवक अरेस्ट:उन्नाव से हुई गिरफ्तारी,फंडिंग के आरोप, मोबाइल में अहम सबूत, परिजन फरार