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मऊ में रस्तीपुर स्थित अंबेडकर ग्राउंड में सोमवार को विधायक अब्बास अंसारी पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने उन्हें बताया कि परिसर में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और उसके आसपास के प्रांगण का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और प्रांगण की स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में विधायक अब्बास अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बीच चल रही जुबानी जंग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उनके बड़े भाई और ओमप्रकाश राजभर मेरे चाचा हैं। दोनों अपनी-अपनी पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके दोनों से पारिवारिक व व्यक्तिगत रूप से अच्छे संबंध हैं। इसलिए वह इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। अब्बास अंसारी ने कहा कि यह बड़े नेताओं का मामला है और वे इसे अपने स्तर पर सुलझा लेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। जो आज अलग दिख रहे हैं, संभव है कि कल एक साथ नजर आएं। जब विधायक से पूछा गया कि चुनाव नजदीक आने के बाद ही वह फील्ड में क्यों नजर आ रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह सवाल जनता नहीं, बल्कि मीडिया कर रही है। उन्होंने मीडिया को सलाह दी कि टीआरपी के लिए हमेशा नकारात्मक सवाल न पूछें, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी ध्यान दें। हर घर जल योजना पर सरकार को घेरा अब्बास अंसारी ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘हर घर जल योजना’ के तहत घर-घर नल से पानी पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में लोगों के घरों तक नल से पानी पहुंचा है? चीनी के बढ़ते दाम पर सरकार को घेरा विधायक ने रोजमर्रा की महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी के दाम बढ़कर करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ रहा है। मिठाइयों के महंगे होने से रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर भी लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में लोग दिन में कई बार चाय पीते हैं। ऐसे में चीनी की कीमत बढ़ने का असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर साफ दिखाई देता है। ‘चुनाव पार्टियां नहीं, आवाम लड़ेगी’ अब्बास अंसारी ने कहा कि आने वाला चुनाव केवल राजनीतिक पार्टियां नहीं, बल्कि आम जनता लड़ेगी। जनता अपने मुद्दों और मांगों को लेकर यह तय करेगी कि किसके पक्ष में मतदान करना है। उन्होंने कहा कि अगर जनता की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो लोग अपने घर के बुजुर्गों का हाथ पकड़कर उस जगह जाएंगे, जहां उन्हें अपने साथ देने वाले लोग दिखाई देंगे। सवर्णों के प्रदर्शन पर बोले- लोकतंत्र में सभी को प्रदर्शन का अधिकार सवर्ण समाज के लोगों द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर अब्बास अंसारी ने कहा कि जिसके साथ नाइंसाफी हो रही है, उसे लोकतंत्र में अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्वक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों का अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना लोकतंत्र के जिंदा होने की पहचान है। यदि प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की जाती है तो लोकतंत्र के लिए यह चिंता का विषय होगा। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी जायज मांगों और रोजमर्रा की समस्याओं को उठाना सीखना चाहिए। महंगाई को सरकार की विफलता बताया अब्बास अंसारी ने रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर सरकार नियंत्रण नहीं कर पा रही है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और गरीब तबके पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में इन मुद्दों को लेकर आक्रोश है। फिलहाल लोग सड़कों पर नहीं उतरे हैं, लेकिन अगर सरकार ने इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया और महंगाई पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो सकते हैं।
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अखिलेश-राजभर विवाद पर अब्बास अंसारी बोले- टिप्पणी नहीं करूंगा:मऊ में कहा- दोनों मेरे बड़े भाई और चाचा, चुनाव पार्टियां नहीं, आवाम लड़ेगी