रजिस्टर्ड वकील ही कर सकते हैं वकालत:हाईकोर्ट का फैसला: कोई भी वकील या अटॉर्नी के तौर पर बहस नहीं कर सकता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा कि कोई भी व्यक्ति, भले ही उसके पास पावर ऑफ़ अटॉर्नी हो, एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मुक़दमे लड़ने वालों की तरफ़ से एक वकील या अटॉर्नी के तौर पर पेश होकर बहस नहीं कर सकता। एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 29 और 33…

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