Maharana Pratap Untold Story: Rajput Revolution History

“धरम रहसी-रहसी धरा, खप जासी खुरसाण। . अमर विसम्बर ऊपरे, राख नहच्चो राण।।” इस दोहे का अर्थ है- ‘धर्म और धरती हमेशा बने रहेंगे, लेकिन ये विदेशी आक्रमणकारी (खुरसाण) एक दिन समाप्त हो जाएंगे।’ ये दोहा मुगल सेनापति रहीम खान-ए-खाना (मिर्जा खां) ने मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के लिए लिखा था। कारण था- हल्दीघाटी…

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महाराणा प्रताप की शोभायात्रा में लहराई गईं तलवारें:शौर्य यात्रा में भगवा ध्वज, झांकियों और जयकारों के बीच उमड़ा समाज, वाहन रैली भी निकाली गई

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर शुक्रवार को आगरा में जगह-जगह भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। अवधपुरी, राजपुर चुंगी, वाटर वर्क्स स्थित क्षत्रिय सेवा सदन समेत कई क्षेत्रों में समाज के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ महाराणा प्रताप जयंती मनाई। इस दौरान यात्रा में तलवार लहराई गईं। शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और…

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