आबादी की जमीन पर सार्वजनिक नमाज नहीं : हाईकोर्ट:कोर्ट ने कहा-सामाजिक संतुलन बिगाड़ने वाली धार्मिक प्रथाओं की शुरुआत नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी किया कि किसी ऐसी धार्मिक प्रथा या उपयोग की शुरुआत या विस्तार, जो पहले से प्रचलित नहीं थी, विशेष रूप से यदि वह मौजूदा सामाजिक संतुलन को बिगाड़ती है तो उसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संरक्षण प्राप्त नहीं है। खंडपीठ ने आगे कहा कि राज्य के लिए…