न्यायिक अधिकारी की ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ की टिप्पणी रद्द:हाईकोर्ट ने कहा- ईमानदारी, सत्यनिष्ठा पर संदेह का आधार नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक न्यायिक अधिकारी की वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) में दर्ज ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ संबंधी प्रतिकूल टिप्पणी को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी के व्यवहार, कार्यशैली, प्रशासनिक निर्देशों का पालन न करने या न्यायिक आदेशों की गुणवत्ता से संबंधित आरोपों को सीधे उसकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर संदेह…

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सिर्फ दो मुकदमों से किसी को गुंडा नहीं कह सकते:यूपी गुंडा एक्ट : बुलंदशहर के मामले में हाईकोर्ट ने आदेश रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को ‘गुंडा’ घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसा करना व्यक्ति और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है। जस्टिस संदीप जैन की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक याचिका…

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