गुरु को समर्पण के बाद उनके वचन पर चलना चाहिए:गोरखपुर में स्वामी राजेंद्रदास ने कहा-भजन में आलस्य सबसे बड़ा बाधक
गोरखपुर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि के अवसर पर साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसके दूसरे दिन भक्ति, गुरु महिमा और आध्यात्मिक जीवन पर चर्चा हुई। वृंदावन से आए कथा व्यास जगद्गुरु स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य ने कहा कि शास्त्र के वचनों को तर्क की कसौटी पर…