हाईकोर्ट ने कहा- हम रोबोट या सुपर कंप्यूटर नहीं:प्रतिदिन 400 से 800 मुकदमे, महामानव नहीं जो तुरंत फैसला सुना दें- हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान यह कहते हुए कड़ा संदेश दिया कि न्यायाधीशों पर मामलों का इतना भारी बोझ है कि वे सदैव कार्यरत रोबोट, सुपर कंप्यूटर या महामानव नहीं हैं, जिनसे तुरंत फैसले की अपेक्षा की जाए। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र ने यह टिप्पणी उस स्थिति में की, जब राज्य…

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