मैं आर्मी का जवान रहा, हुक्म बर्दाश्त नहीं:बैंक मैनेजर महिलाओं के सामने भी डांटता था; गाजियाबाद में गार्ड का कबूलनामा

मैंने आर्मी में रहकर 21 साल देश की सेवा की। बॉर्डर पर भी तैनात रहा। दुश्मनों के सामने कभी भी पीछे नहीं हटा। कश्मीर और बर्फ में भी पैर नहीं डिगे। जवान का अपना सम्मान होता है। मैं बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। छुट्‌टी मांगी तो छुट्‌टी के दिन भी कॉल…

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