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कौशांबी के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने क्लैमाइडिया विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य यौन जनित रोगों, विशेषकर क्लैमाइडिया संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सेमिनार में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सेमिनार का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता की अत्यधिक आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने क्लैमाइडिया के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतियाँ दीं। इनमें संक्रमण के कारण, फैलने के तरीके, लक्षण, संभावित जटिलताएँ, जाँच की विधियाँ और आधुनिक उपचार के उपाय शामिल थे। विद्यार्थियों ने बताया कि क्लैमाइडिया एक सामान्य संक्रमण है जो अक्सर बिना लक्षणों के रहता है। समय पर पहचान न होने पर यह बांझपन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। प्रतिभागियों ने जोर दिया कि यह संक्रमण मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है। इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित स्वास्थ्य जाँच और जागरूकता आवश्यक है। युवाओं को सलाह दी गई कि किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्व-उपचार से बचें। प्रधानाचार्य और संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार न केवल छात्रों का ज्ञान बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करते हैं। उन्होंने यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके। सेमिनार का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। इसमें विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने अपनी जिज्ञासाएँ रखीं। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों के वैज्ञानिक और सरल उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहरी समझ मिली।
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कौशांबी मेडिकल कॉलेज में क्लैमाइडिया पर सेमिनार आयोजित:यौन जनित रोगों के प्रति जागरूकता पर हुई चर्चा