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आगरा के मानस नगर स्थित लेंसकार्ट के आउटलेट पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। हिंदूवादी संगठन के नेता और कार्यकर्ता यहां काम कर रहे एम्प्लोयियों को कलावा, तिलक, कड़ा और पगड़ी पहनाने के लिए पहुंचे। लेकिन सूचना मिलते ही हिंदूवादी कार्यकर्ताओं से पहले मौके पर पुलिस पहुंच गई और आउटलेट के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता जबरन अंदर जाने और कर्मचारियों को तिलक-कलावा पहनाने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें रोक दिया। हिंदूवादियों की एक न चल सकी। इसके बाद आउटलेट में एंट्री न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने बाहर ही विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने लेंसकार्ट के पोस्टर सड़क पर गिरा कर उन पर जूते मारे। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राहगीरों और ग्राहकों से अपील की कि वे लेंसकार्ट से चश्मा न खरीदें। उनका आरोप था कि कंपनी हिंदू संस्कृति का सम्मान नहीं करती। पुलिस ने समझा-बुझाकर सभी कार्यकर्ताओं को शांत कराया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आउटलेट के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। क्या है पूरा मामला एक महिने पहले लेंसकार्ट कंपनी ने ड्रेस कोड को लेकर नई पॉलिसी जारी की थी। इसमें लेंसकार्ट स्टोर में कर्मचारियों को माथे पर तिलक, बिंदी, कलावा और हाथों में कलावा पहनने के लिए मना किया था। इसके बाद देश भर में लेंसकार्ट विरोध हुआ। हालाकि विरोध के बाद लेंसकार्ट बैक फुट आ गई। अब कंपनी ने नए पॉलिसी जारी की है। क्या है नई ड्रेस कोड गाइडलाइन?
नई गाइडलाइन के मुताबिक कर्मचारियों को कंपनी की टी-शर्ट, साधारण गहरे नीले रंग की जींस और बंद जूते पहनना होगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक चीजें जैसे कड़ा, चूड़ियां, मंगलसूत्र, कलावा पहनने की अनुमति दी गई है। छोटे झुमके, नथ, अंगूठी और चेन भी पहन सकते हैं। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि बिंदी, तिलक और सिंदूर जैसे धार्मिक चिन्ह पूरी तरह से मान्य हैं। वहीं पगड़ी और हिजाब जैसे सिर ढकने वाले कपड़े भी पहनने की अनुमति है, बशर्ते वे साफ-सुथरे हों और काम में बाधा न डालें। कंपनी ने यह भी कहा कि वह प्रोफेशनल माहौल, साफ-सफाई और सभी कर्मचारियों के साथ बराबरी का व्यवहार बनाए रखेगी। कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया गया है कि वे बिना डर के अपनी शिकायत एचआर से कर सकते हैं।
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लेंसकार्ट आउटलेट पर एम्प्लोयियों को तिलक-कलावा पहनाने पहुंचे हिंदूवादी:पुलिस ने रोका; बाहर किया प्रदर्शन, पोस्टरों पर मारे जूते