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कानपुर देहात के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बंजारा समाज के महासम्मेलन में समाज के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए राजनीतिक दलों और प्रशासन के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बंजारा समाज उसी दल का समर्थन करेगा, जो उनके हितों को समझेगा और जमीनी स्तर पर काम करेगा। बंजारा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनाम सिंह ने मंच से केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बंद किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव में राजनीतिक दल बंजारा समाज से वादे करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज का लगातार शोषण हुआ है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सरनाम सिंह ने प्रशासन और परिवहन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सभा को विफल करने के उद्देश्य से वाहनों की व्यवस्था में बाधा डाली गई। उनके अनुसार, “हमने लोगों को लाने के लिए बसों का भुगतान किया था, लेकिन कार्यक्रम के दिन जानबूझकर बसें निरस्त कर दी गईं, जो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं साध्वी निरंजन ज्योति से जब इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवाल से बचती नजर आईं। वहीं, महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य और धर्मगुरु महंत बाबू सिंह जी महाराज ने कहा कि वर्षों से बंजारा समाज की उपेक्षा होती रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी सरकार और केंद्र में मोदी सरकार ने समाज की समस्याओं को समझने का प्रयास किया है। महासम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में बंजारा समाज निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मंच से साफ संदेश दिया गया कि अब समर्थन केवल वादों पर नहीं, बल्कि विकास और वास्तविक कार्यों के आधार पर ही तय होगा।
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सिकंदरा में बंजारा समाज का शक्ति प्रदर्शन:बोले- नेताओं ने पार्टियों और प्रशासन पर साधा निशाना, वोट बैंक नहीं, अधिकार चाहिए