ऐशबाग रामोत्सव में श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा:कैकेयी ने मांगे दो वचन, श्रीराम को मिला 14 वर्ष का वनवास


अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं। राजमहल से लेकर नगर तक खुशियां छाई थीं। हर कोई अपने प्रिय राम को राजा बनते देखने के लिए उत्साहित था। तभी मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वचन मांग लिए। भरत के लिए राजगद्दी और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगते ही अयोध्या का उत्सव शोक में बदल गया। पिता के वचन की मर्यादा रखने के लिए श्रीराम ने वन जाने का निर्णय लिया तो माता सीता और भाई लक्ष्मण भी उनके साथ चलने को तैयार हो गए। ऐशबाग के ऐतिहासिक श्रीरामलीला मैदान में मंगलवार को रामोत्सव 2026 के तीसरे दिन इन प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। सर्वसम्मति से हुआ राज्याभिषेक का फैसला श्रीराम के विवाह के बाद अयोध्या में सब कुछ सामान्य चल रहा था। इसी बीच भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ ननिहाल चले जाते हैं। उधर, राजा दशरथ मंत्रिमंडल के साथ नए राजा के चयन पर विचार-विमर्श करते हैं। सभी की सहमति से श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा होती है। यह खबर सुनकर अयोध्यावासी खुशी से झूम उठते हैं। राजतिलक से पहले राजा दशरथ श्रीराम को राजा के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी देते हैं। तीनों रानियां भी इस निर्णय से प्रसन्न होती हैं। दो वचनों ने बदल दी अयोध्या की तस्वीर राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच मंथरा कैकेयी को भड़काती है। उसके बहकावे में आकर कैकेयी राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगती हैं। वह भरत को राजगद्दी देने और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास भेजने की मांग करती हैं। वचन से बंधे राजा दशरथ असहाय हो जाते हैं। श्रीराम को जब वनवास की जानकारी मिलती है तो वह बिना विरोध किए पिता के वचन का पालन करने का निर्णय लेते हैं। पुत्र वियोग में व्याकुल हुए राजा दशरथ श्रीराम के साथ माता सीता और लक्ष्मण भी वन जाने की तैयारी करते हैं। उनके वनवास की खबर से अयोध्यावासी दुखी हो जाते हैं। राजमहल में राजा दशरथ पुत्र वियोग में व्याकुल हो उठते हैं।महारानी कौशल्या और सुमित्रा भी शोक में डूब जाती हैं। कलाकारों ने इन दृश्यों का सजीव मंचन कर दर्शकों को भावुक कर दिया। श्रीरामलीला समिति ऐशबाग के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को श्रीराम वन गमन, निषादराज-केवट संवाद, पुत्र वियोग में राजा दशरथ के स्वर्ग गमन और कैकेयी परित्याग की लीलाओं का मंचन होगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *