जहीर अहमद | बिजनौर5 मिनट पहले
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बिजनौर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 1:30 बजे किसान अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए कलेक्ट्रेट के गेट पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इससे नाराज किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए। इसके बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना था कि उन्हें अपनी मांगें रखने से रोका जा रहा है। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए गेट बंद कर बैरिकेड लगाए थे। इसी बात को लेकर किसान नाराज हो गए और बैरिकेड तोड़कर अंदर चले गए।

संगठन ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा की भी मांग की।
वोटर लिस्ट से नाम कटने पर जताया विरोध
भाकियू ने मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम काटे जाने की शिकायतों पर विरोध जताया। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
किसानों ने कहा कि वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की जानकारी राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से सार्वजनिक की जाए। साथ ही, नाम हटाने का कारण बताया जाए और जिन लोगों के नाम कटे हैं, उन्हें अपील करने का मौका मिले। संगठन ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा की भी मांग की।

सुनील प्रधान ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में वोटर लिस्ट को लेकर गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं।
‘गड़बड़ी हुई है तो मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें’
भाकियू के जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने बताया कि संगठन के नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन को समर्थन दिया है। इसी के तहत बिजनौर जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया गया।
सुनील प्रधान ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में वोटर लिस्ट को लेकर गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम सूची से गायब होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में गड़बड़ी या घोटाला साबित होता है तो मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग की गई है।
‘बिजनौर में कलेक्ट्रेट पर ही होगा प्रदर्शन’
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग की गई है। उन्होंने दावा किया कि वहां 170 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और मेट्रो भी बंद कर दी गई। उनके मुताबिक, बिजनौर में भी कलेक्ट्रेट के गेट पर बैरिकेड लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि बिजनौर में पहले भी कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं और आगे भी यहीं प्रदर्शन किया जाएगा।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
भाकियू ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन मिलता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन ने शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने और निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग भी की।
