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रामपुर में चल रहे धार्मिक आयोजनों के क्रम में मंगलवार को सुबह श्री रासलीला, चैतन्य महाप्रभु एवं चोर उद्धार लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। रात्रि में श्रीराम महोत्सव के दौरान स्वायंभुव मनु की तपस्या, रावण जन्म, रावण दिग्विजय, कौशल्या हरण और दशरथ विवाह की लीलाओं ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह रासलीला के मंचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के प्रेम एवं भक्ति से जुड़े प्रसंग प्रस्तुत किए गए। मनोहारी मंच सज्जा, भक्ति संगीत और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। चैतन्य महाप्रभु की लीला के माध्यम से भक्ति, प्रेम और भगवान के नाम-स्मरण का संदेश दिया गया। चोर उद्धार लीला में भगवान की करुणा और शरण में आने वाले जीव के उद्धार का भावपूर्ण चित्रण किया गया। रात्रि में श्रीराम महोत्सव के मंच पर त्रेता युग के प्रसंग जीवंत होते ही आयोजन स्थल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। स्वायंभुव मनु की तपस्या में उनकी अटूट श्रद्धा दिखाई गई। रावण जन्म और रावण दिग्विजय के प्रसंगों में उसके बढ़ते अहंकार और शक्ति प्रदर्शन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कौशल्या हरण के नाटकीय प्रसंग ने दर्शकों को रोमांचित किया, जबकि दशरथ विवाह के मंचन के दौरान मंगलगीतों से उत्सव का माहौल बन गया। मुख्य अतिथि दिलीप सक्सेना, संदीप अग्रवाल सोनी एवं शुभम सिंघल ने लीलाओं का आनंद लिया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी परंपरा और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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रामपुर में रासलीला मंचन:दशरथ विवाह प्रसंग देख मंत्रमुग्ध, जयघोष से गूंजा पूरा पंडाल