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जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मंगरौल मुस्तकिल में मवेशी चराने गए 70 वर्षीय किसान शनिवार शाम को अचानक लापता हो गए। देर शाम तक परिजनों ने उनकी खोज बीन की, लेकिन उनका पता नहीं चला, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने सुबह पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन नदी किनारे कपड़े मिलने के बाद आपदा प्रबंधन की टीम को बुलाकर नदी में तलाश शुरू कर दी लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल सका। नदी में डूबने की आशंका जताई गई बताया गया कि 70 वर्षीय किसान राम आसरे पांडेय शनिवार को मवेशी चराने के लिए नून नदी के किनारे खेतों की ओर गए थे। देर शाम तक मवेशी वापस घर लौट आए, लेकिन राम आसरे पांडेय के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी किनारे उनके कपड़े, जूते और मोबाइल फोन मिलने के बाद नदी में डूबने की आशंका जताई गई। आसपास मवेशी चरा रहे लोगों ने उन्हें नदी की ओर जाते हुए देखा था। इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ नदी के आसपास खोजबीन शुरू कर दी। देर रात तक पड़री, निबहना और उरकरा समेत आसपास के गांवों में भी तलाश की गई, लेकिन किसान का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस ने संभावित स्थानों पर तलाश की रातभर तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर रविवार सुबह परिजनों ने कालपी कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और करीब 10 बजे हल्का प्रभारी रामजी लाल के साथ आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में सर्च अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी। सुबह करीब 10:35 बजे तक संभावित स्थानों पर तलाश की लेकिन अभी तक व्रत का पता नहीं चल सका है। वृद्ध किसान के लापता होने की जानकारी मिलते ही नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजन भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम द्वारा नदी में संभावित स्थानों पर सघन तलाश कर रही है।
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नून नदी में वृद्ध किसान के डूबने की आशंका:मवेशी चराने गए थे नदी किनारे, कपड़े-जूते और मोबाइल मिले; आपदा प्रबंधन टीम तलाश में जुटी