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बिहार में बाढ़ से गंडक नदी उफान पर है। सारण समेत 6 जिलों के करीब 255 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। 44 हजार लोग घर छोड़ चुके हैं। राज्य में बाढ़ की अलग-अलग घटनाओं से पिछले 24 घंटे में 22 मौतें हो चुकी हैं। यूपी के 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। लोग फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं। 10 हजार लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पलायन कर गए हैं। मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात हैं। 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। इनमें भी 11 जिले ऐसे हैं, जहां 80% से कम पानी गिरा। आलीराजपुर में तो आधी बारिश भी नहीं हुई। राज्य में इस बार 5 साल की तुलना में सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति बिहार का 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित बिहार सरकार के मुताबिक, राज्य का करीब 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र यानी लगभग 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। राज्य के 38 में से 28 जिले बाढ़ की चपेट में आने वाले माने जाते हैं। सरकार हर साल बाढ़ से निपटने और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कामों पर करीब ₹6.4 हजार करोड़ खर्च करती है। सैटेलाइट देशभर से मौसम की तस्वीरें
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बिहार में बाढ़, 24 घंटे में 22 लोगों की मौत:लखनऊ के 40 हजार घरों में पानी घुसा; एमपी में 5 साल में सबसे कम बारिश