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संभल में शुक्रवार शाम सिद्धपीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर में भगवान श्री गोरखनाथ अमर गाथा का सात दिवसीय आयोजन शुरू हुआ। शिव गोरख युवा वाहिनी सेवा दल की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा राजेश सिंघल ने फीता काटकर किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कार्यक्रम में पहुंचे राजेश सिंघल का वाहिनी के जिलाध्यक्ष ज्वालेश श्रीमाली ने पुष्पगुच्छ, पटका और माला पहनाकर स्वागत किया। राजेश सिंघल ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु पं. राधेश्याम श्रीमाली कथा के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संभल की 24 कोसीय परिक्रमा और तीर्थ स्थलों के विकास में उनके योगदान का भी उल्लेख किया। तीर्थ विकास से रोजगार के अवसर बढ़ने की बात राजेश सिंघल ने कहा कि संभल के तीर्थ स्थलों के विकास और पुनरुद्धार से धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संभल के धार्मिक महत्व को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। गोरखनाथ के अवतार की कथा सुनाई कथा के दौरान आध्यात्मिक गुरु पं. राधेश्याम श्रीमाली ने भगवान गोरखनाथ के अवतार से जुड़ी मान्यताओं का वर्णन किया। उन्होंने कथा में बताया कि कलियुग में फैले जादू-टोने, अहंकारी राजाओं के वर्चस्व और कठिन योग मार्ग को सरल बनाने के लिए आदिशिव ने मत्स्येंद्रनाथ के सानिध्य में योगेश्वर गोरक्षनाथ के रूप में अवतार लिया। उन्होंने भगवान गोरखनाथ के जीवन, योग साधना और जनकल्याण से जुड़े प्रसंग सुनाए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद कार्यक्रम में ज्वालेश श्रीमाली, संतोष कुमार गुप्ता, शंशाक बाष्णेय, सत्येंद्र बाष्णेय और आनंद सैनी ने भी विचार रखे। इस दौरान डॉ. सुरेश सैनी, सूरज पाल यादव, जुगल किशोर मिश्रा, सुशील कुमार योगी, नागेंद्र मोहन श्रीमाली, योगी देवाश मोहन श्रीमाली, अनमोल सैनी, लक्ष्मण सैनी, जितेंद्र गुप्ता, कैलाश शर्मा, किशन आर्य, सुभाष आर्य समेत महिला मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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सिद्धपीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर में शुरू हुई गोरखनाथ अमर गाथा:कथा में सुनाए भगवान गोरखनाथ के जीवन और योग साधना के प्रसंग